सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने पुष्टि की है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) बाजार का स्थायी हिस्सा रहेगा, हालांकि नियामक सुधारों के लिए हितधारकों के फीडबैक के लिए तैयार है।
- CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) बाजार का एक स्थायी हिस्सा बना रहेगा।
- सेबी जल्द ही प्रतिभूतियों के ऋण और उधार (SLB) तंत्र पर एक परामर्श पत्र जारी करेगा।
- नियामक बाजार की सूक्ष्म संरचना (Microstructure) में सुधार और दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने स्पष्ट कर दिया है कि नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) तंत्र बाजार में बना रहेगा। नवी मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने कहा कि हालांकि यह प्रणाली स्थायी है, लेकिन नियामक किसी भी बाधा या समस्या को दूर करने के लिए सुधारों के प्रति पूरी तरह खुला है।
CAS का उद्देश्य समापन मूल्य निर्धारित करने की प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाना है। पहले, समापन मूल्य 'वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस' (VWAP) के आधार पर निकाला जाता था, जिससे ट्रैकिंग त्रुटियों की संभावना बनी रहती थी। नया तंत्र एक एकल मूल्य प्रदान करता है, जिससे लेनदेन में पारदर्शिता आती है। हालांकि, पांडे ने स्वीकार किया कि कई बाजार प्रतिभागियों को अपने पुराने सिस्टम को इस नई प्रक्रिया के साथ अपडेट करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार की सूक्ष्म संरचना (Microstructure) में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। जैसे-जैसे निष्क्रिय निवेश (Passive Investing) बाजार का 30% हिस्सा बनता जा रहा है, सटीक समापन मूल्य विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कदम बाजार की स्थिरता और वैश्विक मानकों के साथ तालमेल बिठाने के लिए उठाया गया है।
CAS बाजार की संरचना में एक प्रमुख बदलाव है, और शुरुआती तकनीकी समस्याओं के बावजूद, यह पारदर्शिता के लिए आवश्यक है।
नियामक अब प्रतिभूतियों के ऋण और उधार (Securities Lending and Borrowing - SLB) तंत्र को मजबूत करने के लिए एक परामर्श पत्र जारी करने की योजना बना रहा है। पांडे ने यह भी उल्लेख किया कि सेबी सोशल मीडिया और बाजार प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों का विश्लेषण कर रहा है ताकि किसी भी संभावित हेरफेर को रोका जा सके और संकेतित कीमतों (Indicative prices) की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
Historical Background
भारतीय शेयर बाजार में समापन मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया लंबे समय से VWAP मॉडल पर आधारित रही है। हालांकि, जैसे-जैसे एल्गोरिदम आधारित ट्रेडिंग और इंडेक्स फंड्स का महत्व बढ़ा, VWAP में होने वाली त्रुटियों ने निवेशकों के बीच चिंता पैदा की। CAS का परिचय इसी अंतराल को भरने के लिए किया गया है।
Frequently Asked Questions
1. CAS क्या है?
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग बाजार के अंत में शेयरों का एक सटीक समापन मूल्य निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
2. सेबी इसमें सुधार क्यों कर रहा है?
सेबी का लक्ष्य बाजार में पारदर्शिता लाना, ट्रैकिंग त्रुटियों को कम करना और विदेशी निवेशकों के लिए बाजार को अधिक आकर्षक बनाना है।