इंडिया टुडे के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वेक्षण में पीएम मोदी और मनमोहन सिंह के बीच आर्थिक नेतृत्व को लेकर कड़ी टक्कर देखने को मिली है, जिसमें बेरोजगारी सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरी है।
- पीएम मोदी को 47.3% लोगों ने आर्थिक प्रबंधन में बेहतर माना, जबकि मनमोहन सिंह को 43.5% समर्थन मिला।
- 55.7% जनता का मानना है कि वर्तमान आर्थिक नीतियों का सबसे अधिक लाभ बड़े व्यवसायों को हो रहा है।
- बेरोजगारी (22.7%) और बढ़ती कीमतें (18.1%) देश की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौतियां हैं।
इंडिया टुडे द्वारा 'सी वोटर' के साथ मिलकर किए गए नवीनतम 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वेक्षण ने भारतीय अर्थव्यवस्था और उसके नेतृत्व के प्रति जनता के बदलते दृष्टिकोण को उजागर किया है। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आर्थिक नेतृत्व को 47.3% लोगों का समर्थन प्राप्त है, जो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 43.5% के मुकाबले थोड़ा अधिक है। हालांकि, यह रेटिंग पिछले सर्वेक्षणों की तुलना में गिरावट दर्शाती है।
आर्थिक प्रदर्शन और नीतिगत लाभार्थी
आर्थिक प्रदर्शन के मूल्यांकन में, 47.2% उत्तरदाताओं ने एनडीए सरकार के कामकाज को 'उत्कृष्ट' या 'अच्छा' बताया है। इसके विपरीत, 28.6% लोगों ने इसे 'खराब' या 'बहुत खराब' माना है। सर्वेक्षण का एक चौंकाने वाला पहलू यह है कि 55.7% लोगों का मानना है कि वर्तमान आर्थिक नीतियों का सबसे अधिक लाभ बड़े व्यवसायों को मिल रहा है। इसके मुकाबले किसानों (8.1%), वेतनभोगी वर्ग (7.4%) और छोटे व्यवसायों (6.4%) को मिलने वाले लाभ का प्रतिशत काफी कम है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आर्थिक विकास के आंकड़ों और जमीनी स्तर की जनता की धारणा के बीच एक बड़ा अंतर है। जबकि जीडीपी और बड़े कॉर्पोरेट सेक्टर में वृद्धि दिख रही है, मध्यम वर्ग और कृषि क्षेत्र स्वयं को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं।
आर्थिक सुधारों की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और समावेशी विकास से मापी जानी चाहिए।
सर्वेक्षण में जनता की प्रमुख चिंताओं में बेरोजगारी (22.7%) शीर्ष पर है, जिसके बाद महंगाई (18.1%) का स्थान है। कृषि संकट (7.3%) और भ्रष्टाचार (4.6%) जैसी अन्य समस्याएं भी महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। विशेषज्ञ एस.सी. गर्ग, शंकर अय्यर और हर्ष गुप्ता मधुसूदन ने इस डेटा का विश्लेषण करते हुए कहा कि संरचनात्मक सुधारों और मुद्रास्फीति नियंत्रण के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
Historical Background
भारत ने पिछले दशक में कई महत्वपूर्ण आर्थिक बदलाव देखे हैं, जिनमें जीएसटी (GST) का कार्यान्वयन, नोटबंदी और डिजिटल इंडिया जैसे बड़े कदम शामिल हैं। इन सुधारों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाना था, लेकिन इनके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव अभी भी बहस का विषय हैं।
Frequently Asked Questions
1. सर्वेक्षण के अनुसार सबसे बड़ी आर्थिक समस्या क्या है?
सर्वेक्षण के अनुसार, बेरोजगारी (22.7%) भारत की सबसे बड़ी आर्थिक चिंता है।
2. जनता के अनुसार आर्थिक नीतियों का सबसे अधिक लाभ किसे मिल रहा है?
55.7% उत्तरदाताओं का मानना है कि आर्थिक नीतियों का सबसे अधिक लाभ बड़े व्यवसायों को मिल रहा है।