भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एवरेस्ट और लालजी गोधू ब्रांड की हींग की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जांच में पाया गया कि दोनों कंपनियों के उत्पादों में असली हींग की मात्रा निर्धारित मानकों से बहुत कम थी।

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  • FSSAI ने एवरेस्ट और लालजी गोधू की 'कम्पाउंडेड हींग' की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है।
  • जांच में हींग में असली सामग्री की मात्रा तय सीमा से 30-40% कम पाई गई।
  • लालजी गोधू की हींग में स्टार्च की मात्रा निर्धारित सीमा से 15-32% तक अधिक मिली।
  • यह प्रतिबंध केवल हींग उत्पादों पर है, अन्य मसालों पर नहीं।

नई दिल्ली: खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के दो दिग्गज मसाला ब्रांडों, एवरेस्ट (Everest) और लालजी गोधू (Laljee Godhoo) के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद की गई गहन जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें दोनों ब्रांडों के उत्पादों को 'सब-स्टैंडर्ड' या घटिया गुणवत्ता का पाया गया।

जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन कंपनियों द्वारा बेची जा रही हींग में असली हींग का अंश बहुत कम था। नियमों के अनुसार, कम्पाउंडेड हींग में कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट होना अनिवार्य है, लेकिन लैब रिपोर्ट में यह मात्रा मात्र 0 से 3 प्रतिशत के बीच पाई गई। इसका सीधा अर्थ है कि उपभोक्ताओं को मिलने वाले उत्पाद में असली हींग की मात्रा तय सीमा से लगभग 30 से 40 प्रतिशत कम थी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि खाद्य पदार्थों में मिलावट न केवल आर्थिक धोखाधड़ी है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा भी है। मसालों में स्टार्च और अन्य फिलर्स का अत्यधिक उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को जन्म दे सकता है। जब स्थापित ब्रांड मानकों का उल्लंघन करते हैं, तो यह पूरे खाद्य उद्योग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।

मामला केवल कम्पाउंडेड हींग तक ही सीमित नहीं रहा। लालजी गोधू की शुद्ध हींग की छह अलग-अलग किस्मों की जांच में भी भारी अनियमितताएं मिलीं। जहाँ नियमों के मुताबिक शुद्ध हींग में स्टार्च की मात्रा 1% से अधिक नहीं होनी चाहिए, वहीं जांच में यह मात्रा 15% से 32% तक पाई गई। यह दर्शाता है कि मिलावट का स्तर काफी गहरा था।

खाद्य सुरक्षा मानकों में इस तरह की चूक उपभोक्ताओं के भरोसे के साथ खिलवाड़ है और सख्त नियामक कार्रवाई अनिवार्य है।

FSSAI ने दोनों कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे बाजार में उपलब्ध सभी दोषपूर्ण स्टॉक को तुरंत वापस मंगवाएं (Recall) और अपनी निर्माण प्रक्रिया में सुधार के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह प्रतिबंध केवल हींग उत्पादों पर लागू है; कंपनियों के चिकन मसाला, गरम मसाला या अन्य मसालों पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई गई है।

Did You Know?: हींग का उपयोग न केवल स्वाद के लिए बल्कि पाचन क्रिया को सुधारने के लिए भी किया जाता है, इसलिए मिलावटी हींग सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।

Frequently Asked Questions

1. क्या एवरेस्ट के अन्य मसालों पर भी बैन लगा है?
नहीं, FSSAI का यह आदेश केवल हींग (Asafoetida) उत्पादों तक सीमित है। अन्य मसाले जैसे गरम मसाला या चिकन मसाला सुरक्षित पाए गए हैं।

2. मिलावट का मुख्य कारण क्या था?
जांच में पाया गया कि कंपनियों ने लागत कम करने के लिए असली हींग की जगह स्टार्च और अन्य फिलर्स का अत्यधिक उपयोग किया था।