अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने G20 देशों से आग्रह किया है कि वे चीनी सामानों के वैश्विक बाजारों में बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए टैरिफ (शुल्क) जैसे कड़े कदम उठाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की 'टैरिफ वॉल' के कारण चीनी उत्पाद अन्य देशों के बाजारों में डाइवर्ट हो सकते हैं।

  • स्कॉट बेसेन्ट ने G20 देशों को चीनी आयात और व्यापार असंतुलन से निपटने के लिए टैरिफ अपनाने का सुझाव दिया।
  • चेतावनी दी गई कि अमेरिकी टैरिफ नीतियों के कारण चीनी सामान अन्य वैश्विक बाजारों में तेजी से प्रवेश कर सकते हैं।
  • चीन का व्यापार अधिशेष 2025 में रिकॉर्ड 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने G20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए दुनिया भर के देशों से अपने घरेलू विनिर्माण और नौकरियों को बचाने के लिए कड़े कदम उठाने का आह्वान किया है। बेसेन्ट का तर्क है कि चीन के अत्यधिक औद्योगिक उत्पादन और वैश्विक व्यापार असंतुलन के कारण दुनिया भर के बाजारों में चीनी सामानों की बाढ़ आ रही है।

बेसेन्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही अन्य देशों को आगाह किया था कि अमेरिका द्वारा बनाई जाने वाली 'टैरिफ वॉल' (शुल्क की दीवार) का परिणाम यह होगा कि चीनी सामान अन्य देशों के बाजारों में डाइवर्ट हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, मैं सही था। दुनिया के बाकी देशों को अपने नागरिकों की नौकरियों और विनिर्माण आधार की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि सब कुछ ऑफशोर न हो जाए।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बेसेन्ट का यह रुख वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक बड़े बदलाव का संकेत है। यदि G20 देश अमेरिका के इस दृष्टिकोण को अपनाते हैं, तो यह चीन के खिलाफ एक वैश्विक व्यापार मोर्चा बना सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की स्थिति और गहरा सकती है।

चीन के साथ हमारे व्यापारिक संबंधों में हमारा उद्देश्य अलग होना नहीं, बल्कि जोखिम कम करना (De-risking) है।

व्यापारिक संतुलन के मामले में, बेसेन्ट ने चीन के व्यापार अधिशेष का उल्लेख किया, जो 2025 में रिकॉर्ड 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। उन्होंने इसे वैश्विक आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी बाधा बताया। इसके साथ ही, उन्होंने वैश्विक ऋण के बढ़ते स्तर पर भी चिंता व्यक्त की, जो वर्तमान में 353 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अमेरिका में टैरिफ नीतियों को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। हाल ही में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। इसके बाद से, प्रशासन अपनी रणनीति को नया रूप दे रहा है और चीन के कथित अत्यधिक औद्योगिक क्षमता की जांच के बाद चीनी आयात पर अतिरिक्त 7.5% टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है।

Did You Know?: चीन का व्यापार अधिशेष 2025 में $1.2 ट्रिलियन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।

Frequently Asked Questions

1. स्कॉट बेसेन्ट ने G20 देशों को क्या सलाह दी है?
उन्होंने सलाह दी है कि वे चीनी उत्पादों के डाइवर्ट होने से अपने स्थानीय विनिर्माण और नौकरियों को बचाने के लिए टैरिफ का उपयोग करें।

2. अमेरिकी टैरिफ का उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ता है?
थैंक फाउंडेशन के अनुसार, टैरिफ के कारण आयातित उपभोक्ता वस्तुओं की खुदरा कीमतों में लगभग 7% की वृद्धि देखी गई है।