आंध्र प्रदेश के एमएसएमई मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने महिलाओं और युवाओं को उद्यमी बनने का आह्वान किया है। सरकार 'एक परिवार, एक उद्यमी' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारी निवेश और सब्सिडी प्रदान कर रही है।

  • एमएसएमई मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने महिलाओं को उद्यमिता अपनाने का आह्वान किया।
  • सरकार 'एक परिवार, एक उद्यमी' अभियान के तहत एमएसएमई पार्कों का निर्माण कर रही है।
  • ग्रामीण महिलाओं के लिए बैंक ब्याज दरों में कटौती की गई है।
  • नए उद्योगों के लिए ₹300 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

आंध्र प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री, कोंडापल्ली श्रीनिवास ने समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया है। विजयवाड़ा में आयोजित एक एमएसएमई विकास कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए, उन्होंने जोर दिया कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी राज्य और देश की अर्थव्यवस्था सही गति से आगे बढ़ेगी।

यह कार्यशाला एनटीआर जिला उद्योग केंद्र (DIC) और इंडिया एसएमई फोरम द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी। मंत्री श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के 'एक परिवार, एक उद्यमी' (One Family, One Entrepreneur) नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और डीडब्ल्यूसीआरए (DWCRA) सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाना है।

MSME क्षेत्र का महत्व और सरकारी योजनाएं

मंत्री ने आर्थिक आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एमएसएमई क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 30% का योगदान देता है और 50% से अधिक रोजगार पैदा करता है। इस क्षेत्र को मजबूती देने के लिए, सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक एमएसएमई पार्क स्थापित कर रही है। वर्तमान में, 19 पार्कों का शुभारंभ किया जा चुका है, जबकि 138 अन्य पार्कों पर काम चल रहा है।

महिला उद्यमिता न केवल परिवारों को सशक्त बनाती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी बनती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आंध्र प्रदेश सरकार का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में पूंजी के प्रवाह को बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण को सीधे आर्थिक विकास से जोड़ने की एक सोची-समझी रणनीति है। ब्याज दरों में कमी और सब्सिडी का प्रावधान छोटे व्यवसायों के लिए बाधाओं को कम करेगा।

सरकार ने नए उद्योगों की स्थापना के लिए 'मुख्यमंत्री उद्यमी कार्यक्रम' के तहत ₹300 करोड़ का आवंटन किया है। इसके अतिरिक्त, डीडब्ल्यूसीआरए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण बैंक ब्याज दरों को 13% से घटाकर 12% कर दिया गया है। विजयवाड़ा पूर्व के विधायक गद्दे राममोहन ने भी उद्यमियों से सरकारी पूंजीगत सब्सिडी का लाभ उठाने की अपील की।

Did You Know?: भारत में एमएसएमई क्षेत्र को 'अर्थव्यवस्था की रीढ़' कहा जाता है क्योंकि यह कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार प्रदान करता है।

Frequently Asked Questions

1. आंध्र प्रदेश सरकार एमएसएमई पार्कों के लिए क्या कर रही है?
सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक एमएसएमई पार्क बना रही है, जिसमें से 19 शुरू हो चुके हैं।

2. महिला उद्यमियों के लिए क्या विशेष राहत दी गई है?
ग्रामीण महिलाओं के लिए बैंक ब्याज दरों को 13% से घटाकर 12% कर दिया गया है।