कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (BMR) के लिए एक महत्वाकांक्षी आर्थिक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसका लक्ष्य 2037 तक अर्थव्यवस्था को 400 अरब डॉलर तक ले जाना और 25 लाख नए रोजगार पैदा करना है।
- 2037 तक बेंगलुरु की अर्थव्यवस्था को वर्तमान 149 अरब डॉलर से बढ़ाकर 400 अरब डॉलर करने का लक्ष्य।
- क्षेत्र में 25 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करने की योजना।
- आईटी, एआई, डीप-टेक मैन्युफैक्चरिंग और उन्नत स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान।
- सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को 35% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (BMR) के लिए एक व्यापक आर्थिक मास्टर प्लान के मसौदे की समीक्षा की। यह महत्वाकांक्षी रोडमैप बेंगलुरु को न केवल भारत का बल्कि विश्व का एक प्रमुख आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना का उद्देश्य 2037 तक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को 400 अरब डॉलर तक पहुंचाना और लगभग 25 लाख नए रोजगार सृजित करना है।
वर्तमान में, बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था लगभग 149 अरब डॉलर है। यह क्षेत्र कर्नाटक की कुल सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 40% का योगदान देता है। ISEG फाउंडेशन के सहयोग से तैयार की गई इस योजना में निजी निवेश को आकर्षित करने, बुनियादी ढांचे के विस्तार और नियोजित शहरीकरण पर जोर दिया गया है।
विकास के पांच मुख्य स्तंभ
मास्टर प्लान में 2037 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है:
- तकनीकी हब: बेंगलुरु को आईटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक स्टार्टअप्स के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना।
- डीप-टेक मैन्युफैक्चरिंग: एयरोस्पेस, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव और बायोफार्मा जैसे सात प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देना।
- सेवा क्षेत्र: तृतीयक स्वास्थ्य सेवा (Tertiary Healthcare), उच्च शिक्षा और उच्च श्रेणी के पर्यटन में नेतृत्व करना।
- बुनियादी ढांचा और स्थिरता: मेट्रो, सबअर्बन रेल और RRTS के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी को 35% से बढ़ाकर 75% करना। इसमें एक दूसरे हवाई अड्डे का प्रस्ताव भी शामिल है।
- नियोजित शहरीकरण: अंतरराष्ट्रीय स्तर के नियोजित शहर, किफायती आवास और झुग्गी-मुक्त बेंगलुरु बनाने के लिए पुनर्वसन कार्यक्रम।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मास्टर प्लान केवल बुनियादी ढांचे के बारे में नहीं है, बल्कि यह बेंगलुरु की 'लिवैबिलिटी' (रहने की योग्यता) की चुनौती को हल करने का एक प्रयास है। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह भारत के शहरीकरण के मॉडल को पूरी तरह से बदल सकती है।
बेंगलुरु का यह नया रोडमैप इसे केवल एक आईटी हब से बदलकर एक पूर्ण विकसित वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की क्षमता रखता है।
Frequently Asked Questions
1. बेंगलुरु मास्टर प्लान का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इसका मुख्य लक्ष्य 2037 तक बेंगलुरु की अर्थव्यवस्था को 400 अरब डॉलर तक पहुंचाना और 25 लाख नौकरियां पैदा करना है।
2. सार्वजनिक परिवहन में क्या सुधार प्रस्तावित हैं?
योजना का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को वर्तमान 35% से बढ़ाकर 75% करना है, जिसमें मेट्रो और सबअर्बन रेल का विस्तार शामिल है।