प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की 7.8% की आर्थिक वृद्धि को दुनिया के लिए भरोसे का प्रतीक बताया है। भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर ऐतिहासिक सहयोग के लिए सहमति बनी है।
- भारत ने पिछली तिमाही में 7.8% की मजबूत आर्थिक विकास दर दर्ज की है।
- भारत और बेल्जियम ने रक्षा, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
- दोनों देशों ने आतंकवाद के उन्मूलन और संघर्षों को शांतिपूर्ण संवाद से सुलझाने पर जोर दिया।
- एक नया 'माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट' जल्द ही संपन्न होगा।
नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की उभरती भूमिका पर जोर दिया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद, पीएम मोदी ने कहा कि जहाँ दुनिया खाद्य, ईंधन और आपूर्ति श्रृंखलाओं में अनिश्चितता का सामना कर रही है, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है।
आर्थिक मजबूती और वैश्विक विश्वास
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत की 7.8% की आर्थिक वृद्धि केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अस्थिरता के दौर में दुनिया के लिए एक 'भरोसे का स्रोत' है। उन्होंने कहा कि भारत की विकास गाथा नए अवसर पैदा कर रही है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के निष्कर्ष को एक मील का पत्थर बताया और दोनों देशों के बीच संबंधों को पहले से कहीं अधिक रणनीतिक बताया।
रक्षा और तकनीकी सहयोग के नए आयाम
बैठक में रक्षा सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का एक 'प्रमुख स्तंभ' माना गया। दोनों देशों ने सैन्य आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और रक्षा सह-उत्पादन (co-production) के लिए नए अवसर खोलने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत के विशाल पैमाने का लाभ उठाने पर चर्चा हुई।
भारत की विकास दर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थिरता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण इंजन बन गई है।
बोजोकमीडिया विश्लेषण (BozokMedia Analysis)
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत और बेल्जियम के बीच यह साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उच्च-तकनीकी और हरित ऊर्जा (Green Energy) के माध्यम से भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। बेल्जियम की कंपनी 'जॉन कॉकरिल' द्वारा काकीनाडा में बनाया जा रहा इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट इस दिशा में एक बड़ा प्रमाण है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत और बेल्जियम के संबंध तीन शताब्दियों से भी अधिक पुराने हैं। बेल्जियम उन पहले यूरोपीय देशों में से था जिसने 1947 में स्वतंत्र भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार $13.01 बिलियन तक पहुंच गया है, जिसमें एंटवर्प जैसे वैश्विक केंद्रों के माध्यम से हीरा व्यापार एक प्रमुख भूमिका निभाता है।
Frequently Asked Questions
1. भारत और बेल्जियम के बीच किन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा?
मुख्य रूप से रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
2. भारत की वर्तमान आर्थिक वृद्धि दर क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, भारत ने पिछली तिमाही में 7.8% की विकास दर दर्ज की है।