विदेशी मुद्रा जमा में भारी वृद्धि और वैश्विक बाजारों में सुधार के चलते भारतीय रुपया लगातार पांचवें सत्र में बढ़त के साथ 94.59 पर बंद हुआ।

  • भारतीय रुपया 14 पैसे बढ़कर 94.59 के स्तर पर बंद हुआ।
  • FCNR (B) के माध्यम से 127.23 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड विदेशी जमा प्राप्त हुआ।
  • अमेरिकी डॉलर में नरमी और वैश्विक जोखिम लेने की क्षमता ने रुपया को सहारा दिया।

मुंबई: भारतीय मुद्रा ने गुरुवार (3 सितंबर, 2026) को अपनी तेजी का सिलसिला जारी रखते हुए पांचवें लगातार सत्र में शानदार प्रदर्शन किया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे की मजबूती के साथ 94.59 (अनंतिम) पर बंद हुआ। यह तेजी मुख्य रूप से देश की बेहतर भुगतान संतुलन (Balance of Payments) स्थिति और विदेशी मुद्रा जमा में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण देखी गई है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, विशेष केंद्रीय बैंक कार्यक्रम के तहत FCNR (B) (विदेशी मुद्रा गैर-निवासी बैंक जमा) के माध्यम से भारत ने रिकॉर्ड $127.23 बिलियन जुटाए हैं। यदि इसमें विदेशी मुद्रा ऋण (OFCB) और बाहरी वाणिज्यिक ऋण (ECB) को भी शामिल किया जाए, तो कुल प्रवाह $136.377 बिलियन तक पहुंच गया है, जो देश की विदेशी मुद्रा तरलता को मजबूती प्रदान कर रहा है।

बजट और बाजार का विश्लेषण

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया 94.30 पर खुला और सत्र के दौरान 94.26 के उच्च स्तर और 94.59 के निचले स्तर को छुआ। पिछले कुछ दिनों से रुपया लगातार बढ़त बना रहा है। मंगलवार को यह 27 पैसे बढ़कर 94.95 पर बंद हुआ था, जबकि बुधवार को इसमें 22 पैसे का सुधार देखा गया था।

विदेशी मुद्रा जमा में भारी आवक और FII खरीदारी के कारण भारतीय रुपया तेजी से मजबूत हुआ है।

Mirae Asset ShareKhan के रिसर्च एनालिस्ट अनु चौधरी के अनुसार, विदेशी निवेश में वृद्धि और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने रुपये को सकारात्मक रुख दिया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव रुपये की अत्यधिक बढ़त को सीमित कर सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रुपये की यह मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की अस्थिरता अभी भी जोखिम पैदा कर सकती है। डॉलर इंडेक्स वर्तमान में 99.22 पर कारोबार कर रहा है, जो डॉलर की कमजोरी को दर्शाता है।

Did You Know?: FCNR जमा विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने का एक प्रमुख तरीका है।

Frequently Asked Questions

1. रुपया बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
विदेशी मुद्रा जमा (FCNR) में रिकॉर्ड वृद्धि और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी मुख्य कारण हैं।

2. क्या कच्चे तेल की कीमतें रुपये को प्रभावित करेंगी?
हाँ, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आयात बिल बढ़ाती हैं, जिससे रुपये पर दबाव पड़ सकता है।