वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारतीय कपड़ा उद्योग अब बांग्लादेश और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धियों के सामने मजबूती से खड़ा है, क्योंकि नए व्यापार समझौतों से टैरिफ का अंतर खत्म हो गया है।

  • भारत के नए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) से वैश्विक व्यापार के दो-तिहाई हिस्से तक पहुंच मिलेगी।
  • वस्त्र निर्यात में अब बांग्लादेश और वियतनाम के मुकाबले टैरिफ का कोई नुकसान नहीं है।
  • सरकार ने इस वर्ष के लिए $1 ट्रिलियन निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के वस्त्र उद्योग को एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा कर दिया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'लेवरेजिंग FTAs' कार्यशाला के दौरान, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय टेक्सटाइल क्षेत्र अब बाहरी कारकों या उच्च टैरिफ का बहाना नहीं बना सकता। गोयल के अनुसार, विकसित देशों में भारतीय वस्त्रों पर लगने वाले शुल्क अब हमारे प्रमुख प्रतिस्पर्धियों, जैसे बांग्लादेश और वियतनाम, के बराबर या उनसे भी कम हैं।

प्रतिस्पर्धात्मक परिदृश्य में बदलाव

दशकों तक, भारतीय कपड़ा उद्योग को बांग्लादेश की 'सबसे कम विकसित देश' (LDC) वाली स्थिति और वियतनाम द्वारा किए गए रणनीतिक व्यापार समझौतों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वियतनाम ने कई विकसित देशों के साथ शून्य-शुल्क समझौते किए थे, जिससे उसे बढ़त मिली। हालांकि, गोयल ने जोर देकर कहा कि अब कहानी बदल चुकी है। भारत के बढ़ते मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) के नेटवर्क ने इस अंतर को पाट दिया है।

अब हमारे पास प्रदर्शन के अलावा कोई बहाना नहीं बचा है। गेंद पूरी तरह से हमारे पाले में है।

भारत ने पहले ही मॉरीशस, ओमान, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, यूके और EFTA देशों के साथ समझौते लागू कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ (EU) के साथ भी समझौते जल्द ही प्रभावी होने की उम्मीद है। गोयल ने संकेत दिया कि यदि अमेरिका भारत को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर दरें प्रदान करने में सक्षम होता है, तो भारत जल्द ही संधि को अंतिम रूप देगा।

BozokMedia विश्लेषण: वैश्विक व्यापार में भारत का उदय

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की व्यापार रणनीति अब केवल समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में एक सोची-समझी चाल है। भारत वर्तमान में 8 से 9 और व्यापारिक समूहों के साथ बातचीत कर रहा है, जिसका लक्ष्य वैश्विक व्यापार का 75% हिस्सा कवर करना है।

निर्यात लक्ष्य और आर्थिक प्रभाव

भारत ने इस वर्ष के लिए $1 ट्रिलियन निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16% की वृद्धि दर्शाता है। इस वर्ष के पहले चार महीनों में निर्यात $317 बिलियन तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के $280 बिलियन से काफी अधिक है।

Did You Know?: भारत के पास वर्तमान में 9 ऐसे FTA हैं जो वैश्विक जीडीपी के $60 ट्रिलियन हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

Frequently Asked Questions

1. भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र को पहले किन देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही थी?
मुख्य रूप से बांग्लादेश और वियतनाम से, जो बेहतर टैरिफ समझौतों का लाभ उठा रहे थे।

2. भारत का अगला बड़ा व्यापारिक लक्ष्य क्या है?
भारत का लक्ष्य वैश्विक व्यापार के 75% हिस्से तक पहुंच प्राप्त करना और $1 ट्रिलियन का निर्यात लक्ष्य हासिल करना है।