तमिलनाडु सरकार ने खुले बाजार में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए राशन की दुकानों के माध्यम से ₹35 प्रति किलो की दर से प्याज बेचने की योजना शुरू की है। नासिक से 1,000 टन प्याज की खरीद की गई है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

  • तमिलनाडु में राशन की दुकानों पर प्याज ₹35/किलो की रियायती दर पर उपलब्ध होगा।
  • नासिक से लगभग 1,000 टन उच्च गुणवत्ता वाले प्याज की खरीद की गई है।
  • NAFED और NCCF के सहयोग से प्याज की आपूर्ति की जा रही है।
  • यह कदम त्योहारों से पहले बढ़ती खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

तमिलनाडु सरकार ने आम जनता को प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को चेन्नई में राशन की दुकानों (Fair Price Shops) के माध्यम से मात्र ₹35 प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की बिक्री का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खुले बाजार में प्याज की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाना है।

इस योजना का उद्घाटन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री वेंकटरामनन और सहयोग मंत्री वी. गंधिरजन द्वारा किया गया। सरकार ने इस अभियान के लिए नासिक से रबी सीजन में हुई लगभग 1,000 टन प्याज की खरीद की है। आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए प्याज को मालगाड़ी और सड़क मार्ग दोनों से चेन्नई और अन्य जिलों में पहुंचाया जा रहा है।

गुणवत्ता और मानक

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि रियायती दरों पर मिलने वाला प्याज गुणवत्ता के मामले में समझौता न करे। आपूर्ति किए जा रहे प्याज के लिए निम्नलिखित कड़े मानक निर्धारित किए गए हैं:

  • यह 'A-ग्रेड' श्रेणी का होना चाहिए।
  • प्याज का आकार 45 मिमी या उससे अधिक होना चाहिए।
  • प्याज सड़ने वाला या अत्यधिक अंकुरित नहीं होना चाहिए।
  • यह अच्छी बाजार योग्य गुणवत्ता का होना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अस्थिरता सीधे तौर पर मध्यम और निम्न आय वाले परिवारों के बजट को प्रभावित करती है। त्योहारों के मौसम की शुरुआत के साथ, प्याज जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकती है। सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से सीधे हस्तक्षेप करना बाजार की कीमतों को संतुलित करने का एक रणनीतिक प्रयास है।

सरकार को केवल प्याज ही नहीं, बल्कि चावल और चीनी जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाने चाहिए।

उपभोक्ता कार्यकर्ता टी. सदागोपन ने इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह लाभ राज्य के सुदूर कोनों तक पहुंचे। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि त्योहारों के दौरान चावल और चीनी की बढ़ती कीमतें भी आम आदमी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं।

Did You Know?: भारत में प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव अक्सर मानसून की अनिश्चितता और फसल के भंडारण की स्थिति पर निर्भर करता है।

Frequently Asked Questions

1. तमिलनाडु में रियायती प्याज कहाँ उपलब्ध है?
यह प्याज राज्य के सरकारी राशन की दुकानों (Fair Price Shops) पर उपलब्ध है।

2. प्याज की क्या कीमत है?
राशन कार्ड धारकों के लिए प्याज की कीमत ₹35 प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।