विशाखापत्तनम सांसद एम. श्रीभारत ने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (VSP) के पुनरुद्धार और रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें कीं। उन्होंने ₹14,000 करोड़ के निवेश से प्लांट के मुनाफे में वापसी की उम्मीद जताई है।

  • विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के पुनरुद्धार के लिए ₹14,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • सांसद श्रीभारत ने RINL के CMD के साथ उत्पादन और लाभप्रदता की समीक्षा की।
  • रेलवे बुनियादी ढांचे के विस्तार और वंदे भारत ट्रेनों के नए ठहराव की मांग की गई।

विशाखापत्तनम के सांसद एम. श्रीभारत ने शुक्रवार को क्षेत्र के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों—विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (VSP) और रेलवे बुनियादी ढांचे—के भविष्य को लेकर उच्च स्तरीय बैठकें कीं। गजूवाका के विधायक पल्ला श्रीनिवास राव के साथ, उन्होंने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम.एन.वी.एस. प्रभाकर से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नई नेतृत्व टीम के तहत स्टील प्लांट के उत्पादन, बाजार की स्थितियों और लाभप्रदता की समीक्षा करना था।

सांसद श्रीभारत ने इस बात पर गहरा विश्वास व्यक्त किया कि प्लांट आने वाले एक वर्ष के भीतर लाभ कमाने की स्थिति में आ जाएगा। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में हुई एक दुर्घटना के बाद कर्मचारियों के बीच टीम वर्क में सुधार हुआ है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर प्लांट के पुनरुद्धार के लिए ₹14,000 करोड़ का प्रावधान किया है।

लाभप्रदता और कर्मचारियों का हित

श्रीभारत ने जोर देकर कहा कि ₹14,000 करोड़ का यह निवेश तभी पूरी तरह फल देगा जब इकाई फिर से मुनाफे में आएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक बार लाभप्रदता बहाल हो जाने के बाद, वेतन बकाया, पेंशन बकाया और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के भुगतान चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। हाल ही में पेंशनभोगियों के भुगतान फिर से शुरू होना एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

स्टील प्लांट की वित्तीय स्थिरता केवल सरकारी निवेश पर नहीं, बल्कि इसके परिचालन मुनाफे पर निर्भर करेगी।

रेलवे बुनियादी ढांचे का विस्तार

स्टील प्लांट के अलावा, सांसद ने दक्षिण तटीय रेलवे (SCoR) के महाप्रबंधक संदीप माथुर के साथ बैठक कर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर चर्चा की। उन्होंने रायगडा डिवीजन में तैनात रेलवे कर्मचारियों के स्थानांतरण अनुरोधों को मानवीय आधार पर सुलझाने का आग्रह किया।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, विशाखापत्तनम की आर्थिक प्रगति के लिए रेलवे का आधुनिकीकरण अनिवार्य है। सांसद ने गोपालपट्टनम और विशाखापत्तनम के बीच तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण में तेजी लाने, विशाखापत्तनम स्टेशन पर प्लेटफॉर्मों की संख्या 8 से बढ़ाकर 14 करने और सिग्नलिंग प्रणाली के आधुनिकीकरण की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दुव्वडा में वंदे भारत ट्रेनों के ठहराव और तिरुपति, चेन्नई, सिकंदराबाद और बेंगलुरु के लिए नई वंदे भारत सेवाओं की भी मांग की है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट पूर्वी तट का एकमात्र एकीकृत इस्पात संयंत्र है और इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। पिछले कुछ वर्षों में परिचालन संबंधी चुनौतियों और बाजार की अस्थिरता के कारण इसे वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जिसके लिए अब बड़े पैमाने पर सरकारी हस्तक्षेप किया जा रहा है।

Did You Know?: विशाखापत्तनम स्टील प्लांट भारत के पूर्वी तट पर स्थित एकमात्र एकीकृत इस्पात संयंत्र है।

Frequently Asked Questions

1. VSP के पुनरुद्धार के लिए कितनी राशि आवंटित की गई है?
केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर ₹14,000 करोड़ आवंटित किए हैं।

2. सांसद ने रेलवे के लिए क्या प्रमुख मांगें रखी हैं?
मुख्य मांगों में वंदे भारत का दुव्वडा में ठहराव, नए प्लेटफॉर्म का निर्माण और नई वंदे भारत सेवाओं की शुरुआत शामिल है।