मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने टाटा समूह, टीसीएस और हाइपरवॉल्ट के साथ मिलकर तेलंगाना में ₹70,000 करोड़ के एआई डेटा सेंटर की घोषणा की है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना 2 जून, 2028 तक पूरी होने का लक्ष्य रखती है।

  • टाटा समूह, टीसीएस और हाइपरवॉल्ट द्वारा ₹70,000 करोड़ का भारी निवेश।
  • भारत का सबसे बड़ा एआई (AI) डेटा सेंटर 'फ्यूचर सिटी' में स्थापित होगा।
  • परियोजना से 7,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
  • उद्घाटन की समयसीमा 2 जून, 2028 (तेलंगाना स्थापना दिवस) निर्धारित की गई है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए राज्य के तकनीकी परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। टाटा समूह, टीसीएस (TCS) और हाइपरवॉल्ट (HyperVault) के सहयोग से तेलंगाना में ₹70,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिससे देश का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर स्थापित होगा।

यह परियोजना विशेष रूप से तेलंगाना की महत्वाकांक्षी 'फ्यूचर सिटी' में स्थित होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस डेटा सेंटर की क्षमता 1 गीगावाट (GW) तक होगी। उन्होंने इस परियोजना के लिए एक सख्त समयसीमा निर्धारित की है, जिसका लक्ष्य 2 जून, 2028 को उद्घाटन करना है, जो तेलंगाना राज्य का स्थापना दिवस भी है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निवेश केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर स्थापित करने की एक रणनीतिक कोशिश है। यह निवेश तेलंगाना को भारत के प्रमुख डेटा हब के रूप में परिवर्तित कर देगा, जिससे न केवल तकनीकी विकास होगा बल्कि आर्थिक स्थिरता भी आएगी।

एआई केवल एक तकनीकी व्यवधान नहीं है, बल्कि एक सभ्यतागत बदलाव है जो समाज के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा।

मुख्यमंत्री रेड्डी ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य में सरकार बदलने के बावजूद निवेश नीतियों में निरंतरता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद विकास की राह में बाधा नहीं बनेंगे। इस दौरान टीसीएस के सीईओ और प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन भी उपस्थित थे, जिन्होंने एआई के महत्व पर प्रकाश डाला।

परियोजना के बुनियादी ढांचे के हिस्से के रूप में, 50 किमी लंबी रेडियल रोड-1 का भी उल्लेख किया गया, जो रिंग रोड को फ्यूचर सिटी से जोड़ेगी। इस सड़क को रतन टाटा की स्मृति में समर्पित किया गया है। यह सड़क इतनी उन्नत होगी कि इसे आपातकालीन रनवे के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा।

Historical Background

तेलंगाना का तकनीकी सफर हैदराबाद के आईटी हब बनने से शुरू हुआ था। अब, 'फ्यूचर सिटी' और इस विशाल एआई डेटा सेंटर के साथ, राज्य अब केवल सॉफ्टवेयर सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह वैश्विक एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

Did You Know?: यह डेटा सेंटर 1 गीगावाट की विशाल बिजली क्षमता के साथ काम करेगा, जो इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली केंद्रों में से एक बनाएगा।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस परियोजना से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
उत्तर: इस परियोजना से लगभग 7,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

प्रश्न 2: डेटा सेंटर का उद्घाटन कब होगा?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने इसके लिए 2 जून, 2028 की समयसीमा तय की है।