देशव्यापी बैंक हड़ताल को रोकने के लिए वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी यूनियनों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद 2025-26 की प्रदर्शन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना को स्थगित कर दिया है।

  • वित्त मंत्रालय ने यूनियनों के विरोध के बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए PLI योजना को स्थगित किया।
  • यह निर्णय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय मजदूर संघ के बीच बैठक के बाद लिया गया।
  • बैंक कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि यह योजना कनिष्ठ कर्मचारियों के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों के पक्ष में है।
  • यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था।

वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर वर्ष 2025-26 के लिए नियोजित प्रदर्शन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह महत्वपूर्ण कदम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के कर्मचारियों और केंद्र सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है।

यह निर्णय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय मजदूर संघ (आरएसएस की श्रम शाखा) के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक के बाद आया है। प्रतिनिधिमंडल ने कई गंभीर मुद्दों को उठाया, जिसमें अनुग्रह राशि (ex-gratia) की समीक्षा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधाएं और PLI ढांचे में बदलाव की मांग शामिल थी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि सरकार एक महत्वपूर्ण आर्थिक दौर में बैंकिंग सेवाओं के ठप होने से बचना चाहती है। PLI योजना को रोककर, मंत्रालय ने बातचीत के लिए रास्ता खोला है, हालांकि मुख्य विवाद अभी भी शीर्ष प्रबंधन और जमीनी स्तर के अधिकारियों के बीच पुरस्कार वितरण की असमानता को लेकर है।

विवाद का मुख्य बिंदु PLI फॉर्मूले में कथित असमानता थी। यूनियन प्रतिनिधियों के अनुसार, यह योजना वरिष्ठ अधिकारियों के पक्ष में झुकी हुई थी, जिन्हें 365 दिनों के मूल वेतन तक का लाभ मिल सकता था। इसके विपरीत, स्केल III तक के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह सीमा केवल 15 दिनों के मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) तक सीमित थी।

"PLI योजना का निलंबन सार्वजनिक बैंकिंग प्रणाली के पूर्ण ठप होने से बचाने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया एक रणनीतिक कदम है, लेकिन असली परीक्षा आगामी द्विपक्षीय समझौते की चर्चाओं में होगी।"

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पहले 11 सितंबर को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी। PLI के अलावा, यूनियनें बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्य-सप्ताह की मांग कर रही हैं ताकि कार्य-जीवन संतुलन में सुधार हो सके।

हालांकि सरकार ने संवाद और आपसी समझ के माध्यम से मुद्दों को हल करने की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन UFBU ने अभी तक अपनी हड़ताल वापस नहीं ली है। इन मांगों का समाधान अब चल रही द्विपक्षीय समझौता (Bipartite Settlement) चर्चाओं के दौरान किया जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश के अधिकांश वित्तीय समावेशन अभियानों को संभालते हैं, जिससे इस क्षेत्र में कोई भी हड़ताल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिए जोखिम बन सकती है।

PLI लाभों की तुलना (कथित)

कर्मचारी श्रेणीअधिकतम संभावित प्रोत्साहन
वरिष्ठ कार्यकारी365 दिनों तक का मूल वेतन
कर्मचारी और अधिकारी (स्केल III तक)15 दिनों तक का मूल वेतन + DA

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: PLI योजना को क्यों रोका गया?
योजना को इसलिए रोका गया क्योंकि बैंक कर्मचारियों ने दावा किया कि प्रोत्साहन फॉर्मूला कनिष्ठ कर्मचारियों की तुलना में वरिष्ठ अधिकारियों को अनुचित लाभ देता है।

प्रश्न 2: क्या 11 सितंबर की बैंक हड़ताल अभी भी होगी?
यद्यपि सरकार ने PLI योजना को स्थगित कर दिया है, लेकिन UFBU ने अभी तक आधिकारिक तौर पर हड़ताल वापस नहीं ली है।