कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 555 अंक गिरकर 75,577.58 पर बंद हुआ।
- सेंसेक्स 555.23 अंक (0.73%) गिरकर 75,577.58 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 144.05 अंक (0.61%) की गिरावट के साथ 23,635.10 पर पहुंचा।
- ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर $98.36 प्रति बैरल हो गईं।
- ICICI बैंक, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। बी एस ई (BSE) सेंसेक्स और एन एस ई (NSE) निफ्टी दोनों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती शत्रुता है, जिसने निवेशकों के जोखिम उठाने की क्षमता को कम कर दिया है।
बाजार में बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से ब्लू-चिप शेयरों में देखा गया। ICICI बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने सूचकांकों को नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई। हालांकि, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी पोर्ट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे कुछ शेयरों ने मामूली बढ़त दर्ज की, लेकिन वे बाजार की बड़ी गिरावट को रोकने में असमर्थ रहे।
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए आयात पर अत्यधिक निर्भर है। जब भी पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं, जिससे देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ता है और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता है। यह सीधे तौर पर भारतीय शेयर बाजार के सेंटिमेंट को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
"भारतीय इक्विटी बाजार सात सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया है, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितता निवेशकों के विश्वास को कमजोर कर रही हैं।"
वैश्विक स्तर पर भी यही स्थिति देखी गई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी, जापान के निक्केई 225 और हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। जबकि यूरोपीय बाजार भी दबाव में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार लेबर डे की छुट्टी के कारण बंद थे।
| सूचकांक (Index) | गिरावट (Points) | प्रतिशत (%) | बंद स्तर (Closing) |
|---|---|---|---|
| BSE Sensex | -555.23 | 0.73% | 75,577.58 |
| NSE Nifty | -144.05 | 0.61% | 23,635.10 |
सेक्टर के नजरिए से देखें तो बीमा, निजी बैंक और वित्तीय सेवाओं में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। वहीं, एफएमसीजी और हेल्थकेयर सेक्टर में कुछ स्थिरता नजर आई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को ₹280.13 करोड़ की खरीदारी की थी, लेकिन मंगलवार को वैश्विक संकेतों ने बाजार की दिशा बदल दी।
1. शेयर बाजार गिरने का मुख्य कारण क्या था?
मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव, अमेरिका-ईरान विवाद और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल था।
2. किन प्रमुख शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई?
रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में भारी बिकवाली हुई।