कोफोर्ज के शेयरों में बुधवार को भारी गिरावट देखी गई, जिसमें शेयर 9% तक टूट गए। यह गिरावट चेयरमैन ओम प्रकाश भट्ट के अचानक इस्तीफे और आंतरिक ऑडिट में सामने आई खामियों के बाद आई है।

  • चेयरमैन ओम प्रकाश भट्ट के इस्तीफे के बाद BSE पर कोफोर्ज के शेयर 9% गिरकर 1,780 रुपये पर आ गए।
  • FY27 की दूसरी तिमाही के आंतरिक ऑडिट में बोर्ड मूल्यांकन रिपोर्ट के खुलासे को लेकर सवाल उठाए गए।
  • गिरावट के बावजूद, कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत है और Q1 में शुद्ध लाभ 63% बढ़ा है।

भारतीय आईटी क्षेत्र में बुधवार को उस समय हलचल मच गई जब कोफोर्ज (Coforge) के शेयरों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। ट्रेडिंग सत्र के दौरान शेयर 9% तक टूट गए, जिसका मुख्य कारण कंपनी के चेयरमैन और गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक ओम प्रकाश भट्ट का अचानक इस्तीफा था।

8 सितंबर, 2026 को प्रभावी यह इस्तीफा किसी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था। यह FY27 की दूसरी तिमाही के लिए किए गए एक आंतरिक ऑडिट के बाद आया। इस ऑडिट में भट्ट के मार्गदर्शन में किए गए बोर्ड मूल्यांकन अभ्यास की जांच की गई थी। ऑडिट में पाया गया कि रिपोर्ट और चेयरमैन के प्रदर्शन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां बोर्ड के सामने पूरी तरह से उजागर नहीं की गई थीं।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि हालांकि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है, लेकिन बाजार वर्तमान में कॉर्पोरेट गवर्नेंस (शासन) की खामियों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। एक ऐसे समय में जब AI के कारण निवेशक पहले से ही आईटी शेयरों को लेकर सतर्क हैं, आंतरिक अस्थिरता का कोई भी संकेत पूंजी की तेजी से निकासी का कारण बन सकता है।

"अल्पकालिक रूप से गवर्नेंस जोखिम वित्तीय लाभों पर भारी पड़ते हैं; बोर्ड स्तर पर नेतृत्व का अचानक खाली होना एक ऐसी अनिश्चितता पैदा करता है जिसे निवेशक स्वीकार नहीं करते।"

इस गिरावट से पहले कोफोर्ज के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया था। मार्च में अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से शेयर 100% से अधिक बढ़ चुके थे और पिछले हफ्ते ही नई ऊंचाई पर पहुंचे थे। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्टॉक आकर्षक रहा है, जिसने तीन वर्षों में 72% और पांच वर्षों में 86% का रिटर्न दिया है।

वित्तीय मोर्चे पर कंपनी काफी मजबूत है। जुलाई में FY27 की पहली तिमाही के नतीजों में शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 63% बढ़कर 518.6 करोड़ रुपये हो गया, जबकि राजस्व लगभग 50% बढ़कर 5,528 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चुनौतियों और अवसरों के बीच संतुलन बना रही है।

क्या आप जानते हैं?: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कोफोर्ज ने एक ही तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में 60% से अधिक की वृद्धि दर्ज की है।
पैरामीटर Q1 FY27 प्रदर्शन दीर्घकालिक वृद्धि (5 वर्ष)
शुद्ध लाभ 518.6 करोड़ रुपये (+63%) N/A
राजस्व 5,528 करोड़ रुपये (+50%) N/A
शेयर रिटर्न -9% (एक दिन) +86%

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: ओम प्रकाश भट्ट ने कोफोर्ज से इस्तीफा क्यों दिया?
उन्होंने आंतरिक ऑडिट के बाद इस्तीफा दिया, जिसमें बोर्ड मूल्यांकन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण जानकारी के प्रकटीकरण को लेकर चिंताएं जताई गई थीं।

प्रश्न 2: क्या कोफोर्ज की वित्तीय स्थिति कमजोर है?
नहीं, कंपनी ने राजस्व और शुद्ध लाभ दोनों में महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ मजबूत Q1 FY27 परिणाम दर्ज किए हैं।