आईटी दिग्गज कोफोर्ज के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है क्योंकि कंपनी के चेयरमैन ओम प्रकाश भट्ट ने अचानक इस्तीफा दे दिया। यह कदम एक आंतरिक ऑडिट समीक्षा के बीच उठाया गया है, जिससे निवेशकों में डर फैल गया है।
- चेयरमैन के इस्तीफे के बाद कोफोर्ज के शेयरों में इंट्रा-डे 8% से अधिक की गिरावट आई।
- ओम प्रकाश भट्ट ने अप्रैल 2027 में समाप्त होने वाले अपने कार्यकाल से 7 महीने पहले पद छोड़ा।
- इस्तीफे का संबंध जानकारी छिपाने से जुड़ी एक आंतरिक ऑडिट समीक्षा से है।
- गिरावट से पहले, मार्च से अब तक शेयर में 72% की जबरदस्त तेजी देखी गई थी।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी कोफोर्ज (Coforge) के शेयरों में जोरदार गिरावट आई। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक ओम प्रकाश भट्ट का अचानक इस्तीफा है। इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान शेयर 8.67% तक फिसलकर ₹1,780.10 के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसके बाद यह ₹1,845.00 के आसपास कारोबार करता दिखा।
निवेशकों के लिए यह झटका इसलिए बड़ा है क्योंकि अप्रैल 2025 के बाद यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। बाजार में इस बात को लेकर घबराहट है कि कंपनी के शीर्ष नेतृत्व में अचानक यह बदलाव क्यों आया, जिसने निवेशकों को धड़ाधड़ शेयर बेचने पर मजबूर कर दिया।
इस्तीफे के पीछे की असली वजह: इंटरनल ऑडिट
ओम प्रकाश भट्ट का कार्यकाल अप्रैल 2027 तक था, लेकिन उन्होंने समय से काफी पहले पद छोड़ दिया। खबरों के मुताबिक, कंपनी का बोर्ड एक इंटरनल ऑडिट (आंतरिक ऑडिट) के जवाबों की समीक्षा कर रहा था। समीक्षा में यह बात सामने आई कि चेयरमैन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां बोर्ड के सामने पूरी तरह से पेश नहीं की गई थीं।
"जब किसी कंपनी में इंटरनल ऑडिट के दौरान नेतृत्व का इस्तीफा होता है, तो बाजार इसे 'गवर्नेंस रिस्क' के रूप में देखता है, जिससे शेयरों में तेज गिरावट आती है।"
एसबीआई के पूर्व चेयरमैन रहे ओम प्रकाश भट्ट ने अपने इस्तीफे के संबंध में कहा कि बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया (Evaluation Process) के दौरान उनका पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वास्तव में कौन सी जानकारी छिपाई गई थी।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, कोफोर्ज का शेयर पिछले कुछ महीनों में रॉकेट की तरह भागा था। मार्च में यह ₹1100 के स्तर पर था और अब ₹1857 के करीब है, यानी करीब 72% की वृद्धि। जब कोई शेयर इतनी तेजी से बढ़ता है, तो किसी भी नकारात्मक खबर पर 'प्रॉफिट बुकिंग' बहुत तेजी से होती है। ओम प्रकाश भट्ट जैसे अनुभवी व्यक्तित्व का जाना कंपनी की साख और संस्थागत निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकता है।
| अवधि | प्रदर्शन/वृद्धि |
|---|---|
| 1 महीना | 5% से अधिक की बढ़त |
| 3 महीने | 30% की तेजी |
| 6 महीने | 63% से अधिक उछाल |
| मार्च से अब तक | 72% की कुल वृद्धि |
आईटी सेक्टर में नेतृत्व का संकट अक्सर अस्थिरता लाता है। अब सबकी नजरें कंपनी के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर हैं कि क्या यह केवल एक प्रशासनिक बदलाव है या कंपनी के भीतर कोई गहरी समस्या है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
आज कोफोर्ज के शेयर क्यों गिरे?
चेयरमैन ओम प्रकाश भट्ट के अचानक इस्तीफे और इंटरनल ऑडिट विवाद के कारण निवेशकों ने शेयर बेचना शुरू कर दिया, जिससे दाम गिरे।
इस्तीफे का मुख्य कारण क्या बताया गया?
ओम प्रकाश भट्ट ने कहा कि बोर्ड की जांच और मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उनका पद पर रहना सही नहीं होगा।