ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज ने अपने वडोदरा संयंत्र से वितरण नेटवर्क तक उत्पादों के परिवहन के लिए एस्सार ग्रुप की ग्रीनलाइन मोबिलिटी के एलएनजी-पावर्ड ट्रकों का उपयोग करने का निर्णय लिया है।

  • ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज ने एलएनजी-पावर्ड लॉजिस्टिक्स के लिए ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस (एस्सार ग्रुप) के साथ हाथ मिलाया है।
  • यह पहल मुख्य रूप से वडोदरा स्थित ग्रीनप्लाई सुविधा से बाहरी परिवहन पर केंद्रित है।
  • ग्रीनलाइन वर्तमान में भारत के प्रमुख गलियारों में 1,000 से अधिक एलएनजी ट्रकों का संचालन कर रहा है।

पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक रणनीतिक कदम उठाते हुए, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एस्सार ग्रुप की कंपनी ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग का उद्देश्य एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) से चलने वाले भारी ट्रकों को तैनात करना है, जिससे परिवहन के दौरान होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी।

इस साझेदारी के तहत, ग्रीनप्लाई अपने वडोदरा स्थित संयंत्र से उत्पादों को अपने वितरण नेटवर्क के विभिन्न गंतव्यों तक पहुँचाने के लिए ग्रीनलाइन के ग्रीन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का उपयोग करेगा। यह कदम कंपनी की उस सोच का हिस्सा है जिसमें स्थिरता को केवल विनिर्माण (manufacturing) तक सीमित न रखकर पूरी वैल्यू चेन तक ले जाने का लक्ष्य है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को डीकार्बोनाइज करना सबसे कठिन है क्योंकि लंबी दूरी के माल परिवहन के लिए डीजल पर निर्भरता बहुत अधिक है। एलएनजी को अपनाकर, ग्रीनप्लाई न केवल ग्रीनहाउस गैसों को कम कर रहा है, बल्कि अपनी आपूर्ति श्रृंखला को पारंपरिक ईंधन की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से भी बचा रहा है। यह इस बात का संकेत है कि अब बड़ी कंपनियां अपने 'स्कोप 3' उत्सर्जन (Scope 3 emissions) की जिम्मेदारी ले रही हैं।

एलएनजी की ओर बढ़ना शून्य-उत्सर्जन भविष्य की ओर एक व्यावहारिक पुल है, जो भारी औद्योगिक सामानों के लिए आवश्यक पेलोड क्षमता से समझौता किए बिना डीजल का एक स्केलेबल विकल्प प्रदान करता है।

ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संनिध्य मित्तल ने कहा कि वडोदरा सुविधा में एलएनजी-पावर्ड ट्रकों की शुरुआत जिम्मेदार मोबिलिटी समाधानों की खोज की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने जोर दिया कि कंपनी ऐसे समाधानों को अपनाना जारी रखेगी जो पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता और विश्वसनीयता को भी बनाए रखें।

ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस के सीईओ मधुर तनेजा ने बताया कि कम उत्सर्जन वाले लॉजिस्टिक्स के लिए ऐसे व्यावहारिक समाधानों की आवश्यकता है जिन्हें मौजूदा आपूर्ति श्रृंखलाओं में बिना किसी बाधा के एकीकृत किया जा सके। ग्रीनलाइन का वर्तमान बेड़ा, जिसमें 1,000 से अधिक ट्रक शामिल हैं, स्टील, सीमेंट, खनन और एफएमसीजी जैसे उद्योगों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।

विशेषता पारंपरिक डीजल ट्रक एलएनजी-पावर्ड ट्रक
कार्बन उत्सर्जन उच्च काफी कम
ईंधन लागत स्थिरता कम (अस्थिर) मध्यम से उच्च
पर्यावरणीय प्रभाव उच्च कण पदार्थ (PM) स्वच्छ दहन (Combustion)
क्या आप जानते हैं?: एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) को लगभग -162°C तक ठंडा करके बनाया जाता है, जिससे इसका आयतन 600 गुना कम हो जाता है, जिससे यह लंबी दूरी के परिवहन के लिए अत्यधिक कुशल हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: लंबी दूरी के लॉजिस्टिक्स के लिए इलेक्ट्रिक ट्रकों के बजाय एलएनजी को क्यों चुना गया?
एलएनजी वर्तमान बैटरी तकनीक की तुलना में अधिक ऊर्जा घनत्व और लंबी रेंज प्रदान करता है, जो भारी औद्योगिक भार के लिए अधिक उपयुक्त है।

प्रश्न 2: कौन से अन्य उद्योग ग्रीनलाइन की एलएनजी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं?
ग्रीनलाइन वर्तमान में स्टील, सीमेंट, खनन, एफएमसीजी (जैसे डाबर इंडिया) और रसायनों सहित प्रमुख उद्योगों को सेवाएं दे रहा है।