केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 'OneTag' सुविधा लॉन्च की है, जिससे अब आप बिना पुराने फास्टैग को हटाए अपना बैंक बदल सकते हैं। यह नई पोर्टेबिलिटी सुविधा यात्रा को और अधिक सुगम बनाएगी।

  • 'OneTag' सुविधा के माध्यम से अब फास्टैग जारी करने वाला बैंक बदला जा सकता है।
  • वाहन से पुराने भौतिक फास्टैग टैग को हटाने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • यह सेवा 'राजमार्ग यात्रा' मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध है।
  • IHMCL और NPCI ने मिलकर इस क्रांतिकारी तकनीक को विकसित किया है।

भारतीय सड़क यात्रा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में आयोजित 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट' (GFF) के दौरान 'OneTag' नामक एक नई पोर्टेबिलिटी सुविधा का अनावरण किया है। इस नवाचार का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब वाहन मालिकों को अपना बैंक बदलने के लिए अपने वाहन पर लगे पुराने फास्टैग को भौतिक रूप से हटाने या नया टैग चिपकाने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

अब तक, यदि कोई ग्राहक अपने फास्टैग जारी करने वाले बैंक से नाखुष्ट था या किसी अन्य बैंक में जाना चाहता था, तो प्रक्रिया अत्यंत जटिल थी। उपयोगकर्ता को पहले पुराने टैग को डी-एक्टिवेट करना पड़ता था, शेष राशि का निपटान करना पड़ता था और फिर नए बैंक में आवेदन देकर नया टैग मंगवाना पड़ता था। 'OneTag' इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बना देता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा। जब ग्राहकों के लिए बैंक बदलना आसान होगा, तो बैंक बेहतर सेवा और कम शुल्क देने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिसका सीधा लाभ अंततः उपभोक्ताओं को मिलेगा। यह सुविधा तकनीकी बाधाओं को कम कर राजमार्गों पर टोल भुगतान को और अधिक निर्बाध बनाती है।

'OneTag' सुविधा न केवल ग्राहकों की सुविधा बढ़ाती है, बल्कि यह भारत के डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे की परिपक्वता को भी दर्शाती है।

IHMCL (इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड) और NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने मिलकर इस प्रणाली को डिजाइन किया है। उपयोगकर्ता अब राजमार्ग यात्रा (Rajmarg Yatra) मोबाइल ऐप का उपयोग करके अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं और ऑनलाइन सत्यापन पूरा कर सकते हैं। एक बार प्रक्रिया पूरी हो जाने पर, मौजूदा फास्टैग आईडी और वाहन नंबर को नए बैंक के साथ लिंक कर दिया जाएगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

FASTag को भारत में टोल संग्रह को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया था। शुरुआत में, टैग की पोर्टेबिलिटी एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि प्रत्येक टैग एक विशिष्ट बैंक के सर्वर से जुड़ा होता था। 'OneTag' के आने से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी, जिससे बैंकिंग सेवाओं और परिवहन सेवाओं का एकीकरण और मजबूत होगा।

Did You Know?: फास्टैग के माध्यम से भारत में टोल संग्रह की प्रक्रिया अब लगभग पूरी तरह से कैशलेस और डिजिटल हो चुकी है, जिससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में भारी कमी आई है।
विशेषतापुराना तरीकाOneTag प्रणाली
भौतिक टैग बदलनाअनिवार्य थाआवश्यक नहीं है
प्रक्रियाजटिल और लंबीत्वरित और डिजिटल (App आधारित)
बैंक स्विचिंगकठिनअत्यंत आसान

Frequently Asked Questions

1. क्या मुझे नया फास्टैग खरीदना पड़ेगा?
नहीं, 'OneTag' के साथ आप अपने मौजूदा भौतिक टैग का ही उपयोग कर सकते हैं।

2. मैं इस सुविधा का उपयोग कैसे कर सकता हूँ?
आप 'राजमार्ग यात्रा' मोबाइल ऐप डाउनलोड करके ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।