सूरत के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी भीषण आग ने दिवाली के लिए तैयार तैयार कपड़ों के भारी स्टॉक को नष्ट कर दिया है। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन व्यापारियों को करोड़ों का वित्तीय नुकसान होने की आशंका है।

  • श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की पांचवीं और छठी मंजिल पर भीषण आग लगी।
  • दिवाली के दौरान अन्य राज्यों में भेजे जाने वाले तैयार कपड़ों का पूरा स्टॉक जल गया।
  • आग पर काबू पाने के लिए SMC के 150 से अधिक दमकलकर्मियों ने 12 घंटे तक संघर्ष किया।

गुजरात के कपड़ा उद्योग के लिए एक बड़ा झटका तब लगा जब मंगलवार आधी रात को सूरत के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में भीषण आग लग गई। यह आग बुधवार दोपहर तक जारी रही, जिससे मल्टी-स्टोरी कॉम्प्लेक्स की ऊपरी मंजिलों पर भारी तबाही हुई। सबसे दुखद यह है कि यह हादसा उस समय हुआ जब व्यापारी दिवाली और नवरात्रि के पीक सीजन के लिए स्टॉक तैयार कर रहे थे।

सूरत नगर निगम (SMC) के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बसंत पारीख ने बताया कि आग छठी मंजिल के एक पैसेज एरिया से शुरू हुई। वहां रखे सिंथेटिक कपड़ों के पार्सल, प्लास्टिक पैकिंग बैग और कार्डबोर्ड बॉक्स ने ईंधन का काम किया, जिससे आग तेजी से पूरी मंजिल पर फैल गई। धुएं के घने गुबार के कारण दृश्यता कम हो गई थी, जिससे दमकलकर्मियों को अंदर जाने में काफी कठिनाई हुई।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना शहरी व्यापारिक केंद्रों में एक गंभीर सुरक्षा चूक को उजागर करती है: गलियारों (passages) में ज्वलनशील सामान रखने की आदत। हालांकि मार्केट के पास नवीनीकृत फायर NOC था, लेकिन सिंथेटिक सामग्री की अधिकता ने इसे 'बारूद के ढेर' में बदल दिया। चूंकि सूरत यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के लिए सिंथेटिक साड़ियों का मुख्य केंद्र है, इस नुकसान से त्योहारी सीजन में आपूर्ति बाधित हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं।

सूरत के कपड़ा हब में सिंथेटिक फाइबर पर अत्यधिक निर्भरता एक उच्च-जोखिम वाला वातावरण बनाती है, जहां आग पारंपरिक सूती बाजारों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से फैलती है।

इस अग्निकांड को नियंत्रित करने के लिए SMC के विभिन्न जोन से 150 से अधिक दमकलकर्मी तैनात किए गए। धुएं को बाहर निकालने के लिए टीमों को बाहरी कांच की खिड़कियों को तोड़ना पड़ा, जिसके बाद फायर फाइटिंग गन की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि आग दोबारा न भड़के।

श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट के अध्यक्ष अनूप जालान ने बताया कि कई व्यापारी अपने अकाउंट बुक और रिकॉर्ड बचाने के लिए मार्केट पहुंचे, लेकिन खतरनाक स्थिति के कारण अंदर नहीं जा सके। मार्केट में 284 बड़े ब्लॉक हैं, जिनमें से प्रत्येक लगभग 2,000 वर्ग फुट का है, जिससे होने वाले कुल नुकसान का आकलन करना अभी बाकी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सूरत को वैश्विक स्तर पर 'भारत के टेक्सटाइल हब' के रूप में जाना जाता है, जहां लगभग 75,000 व्यापारिक दुकानें हैं। शहर की अर्थव्यवस्था दैनिक रूप से 250-300 ट्रक कपड़ों के परिवहन पर टिकी है। ऐतिहासिक रूप से, भीड़भाड़ वाले लेआउट और सिंथेटिक कपड़ों की अत्यधिक ज्वलनशीलता के कारण सूरत में कई बार मार्केट फायर की घटनाएं हुई हैं, जिससे सुरक्षा मानकों के सख्त पालन की मांग उठी है।

क्या आप जानते हैं?: सूरत भारत में मानव-निर्मित फाइबर कपड़ों का सबसे बड़ा उत्पादक है, जो देश के एक बड़े हिस्से में त्योहारी परिधानों की आपूर्ति करता है।
विशेषताघटना का विवरण
स्थानश्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट, सूरत
प्रभावित क्षेत्र5वीं और 6वीं मंजिल
प्रतिक्रिया बल150+ SMC दमकलकर्मी
मुख्य कारणसिंथेटिक सामग्री और प्लास्टिक पैकेजिंग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस आग में कोई हताहत हुआ?
नहीं, किसी भी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, हालांकि ऑपरेशन के दौरान एक दमकलकर्मी घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आग इतनी तेजी से क्यों फैली?
पैसेज एरिया में भारी मात्रा में सिंथेटिक कपड़ों, प्लास्टिक बैग और कार्डबोर्ड बॉक्स के जमा होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।