अमेरिकी श्रम विभाग ने धोखाधड़ी की जांच के चलते आईटी दिग्गज कॉग्निजेंट के नए ग्रीन कार्ड आवेदनों को 180 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। इस कदम से अमेरिकी बाजार में काम कर रही अन्य भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दबाव बढ़ गया है।
- अमेरिकी श्रम विभाग ने कॉग्निजेंट के ग्रीन कार्ड आवेदनों पर 180 दिनों का प्रतिबंध लगाया है।
- जांच का मुख्य केंद्र वीजा अनियमितताएं, वेतन उल्लंघन और श्रमिकों का शोषण है।
- TCS, Infosys और Wipro जैसी अन्य भारतीय आईटी कंपनियों पर भी निगरानी बढ़ सकती है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के श्रम विभाग (US Department of Labor) ने एक कड़ा कदम उठाते हुए भारतीय आईटी दिग्गज कॉग्निजेंट (Cognizant) को अगले 180 दिनों तक विदेशी श्रमिकों के लिए नए ग्रीन कार्ड आवेदन दाखिल करने से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक व्यापक संघीय जांच के बीच की गई है, जिसमें कंपनी के वीजा प्रबंधन और प्रवासन प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
संघीय जांच एजेंसियों का आरोप है कि कॉग्निजेंट ने H-1B वीजा और रोजगार-आधारित प्रवासन कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में गंभीर अनियमितताएं बरती हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या कंपनी ने वेतन नियमों का उल्लंघन किया है और क्या विदेशी कर्मचारियों का शोषण कर उन्हें कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर किया गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय आईटी आउटसोर्सिंग मॉडल की गहन समीक्षा का संकेत है। यदि जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई जाती है, तो यह TCS, Infosys, Wipro और HCL Technologies जैसी अन्य दिग्गज कंपनियों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है, जो इसी तरह के वीजा ढांचे पर निर्भर हैं।
वीजा नियमों का उल्लंघन न केवल कानूनी जोखिम बढ़ाता है, बल्कि यह वैश्विक प्रतिभा अधिग्रहण की विश्वसनीयता को भी खतरे में डालता है।
ऐतिहासिक संदर्भ और प्रभाव
ऐतिहासिक रूप से, भारतीय आईटी कंपनियां अमेरिकी बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए H-1B वीजा का व्यापक उपयोग करती रही हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी प्रशासन ने 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' नीति के तहत विदेशी श्रमिकों के लिए नियमों को सख्त किया है। इस प्रतिबंध से कॉग्निजेंट के उन हजारों कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है जो स्थायी निवास (Green Card) की प्रतीक्षा कर रहे थे।
Frequently Asked Questions
1. कॉग्निजेंट पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा वीजा अनियमितताओं, वेतन उल्लंघन और श्रमिकों के संभावित शोषण की जांच के कारण यह प्रतिबंध लगाया गया है।
2. क्या इसका असर अन्य भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा?
हाँ, इस जांच के बाद अमेरिकी अधिकारी अन्य भारतीय आईटी फर्मों के वीजा आवेदनों की अधिक बारीकी से समीक्षा कर सकते हैं।