अल्लाना ग्रुप अगले तीन वर्षों में अपने भारतीय कारोबार के टर्नओवर को ₹24,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने की योजना बना रहा है, जिसमें मुख्य फोकस प्रॉफिटेबल ग्रोथ पर होगा।

  • 3 वर्षों में टर्नओवर को ₹24,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने का लक्ष्य।
  • प्रोटीन, पोल्ट्री और कंज्यूमर फूड्स जैसे उच्च-विकास क्षेत्रों पर विशेष ध्यान।
  • कम मार्जिन वाले व्यवसायों से बाहर निकलने और रणनीतिक अधिग्रहण की योजना।
  • इंटीग्रेटेड पोल्ट्री प्लेटफॉर्म के लिए 120 मिलियन डॉलर की शुरुआती प्रतिबद्धता।

भारत के सबसे बड़े प्रोसेस्ड फूड और कृषि उत्पाद निर्यातकों में से एक, अल्लाना ग्रुप (Allana Group), अगले तीन वर्षों में अपने भारतीय व्यवसाय को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। समूह का लक्ष्य अपने वर्तमान टर्नओवर, जो लगभग ₹24,000 करोड़ है, उसे बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करना है। यह विस्तार केवल संख्यात्मक नहीं है, बल्कि कंपनी अब 'प्रॉफिटेबल ग्रोथ' और उच्च-मार्जिन वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

इस विकास रणनीति का एक मुख्य हिस्सा पोर्टफोलियो का पुनर्गठन है। ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष बंदलीश ने स्पष्ट किया है कि कंपनी उन व्यवसायों का मूल्यांकन कर रही है जो उनके मार्जिन और रणनीतिक उद्देश्यों को पूरा नहीं करते हैं। कंपनी की योजना कम मार्जिन वाले व्यवसायों से बाहर निकलने और रणनीतिक अधिग्रहणों (Acquisitions) के माध्यम से अपनी पकड़ मजबूत करने की है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि अल्लाना का यह कदम भारतीय FMCG और कृषि क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत है: कच्चे कमोडिटी ट्रेडिंग से हटकर वैल्यू-ऐडेड कंज्यूमर ब्रांड्स की ओर बढ़ना। पोल्ट्री में वर्टिकल इंटीग्रेशन के जरिए, अल्लाना खुद को कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचाकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ रहा है।

प्रोटीन व्यवसाय समूह का मुख्य आधार बना रहेगा। अल्लाना अपनी प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक में निवेश करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना बना रहा है। इसके तहत दो नए ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रोटीन-समृद्ध खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

ट्रेडिंग-केंद्रित मॉडल से ब्रांड-आधारित एकीकृत प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ना ही पुरानी कृषि फर्मों के लिए प्रतिस्पर्धी रिटेल बाजार में टिके रहने का एकमात्र तरीका है।

समूह इंडियन पोल्ट्री अलायंस (Indian Poultry Alliance) के माध्यम से एक एकीकृत पोल्ट्री प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिसके लिए उसने 120 मिलियन डॉलर की शुरुआती प्रतिबद्धता जताई है। इस उद्यम में ब्रीडर फार्म, हैचरी, फीड प्लांट, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और वैल्यू-ऐडेड पोल्ट्री उत्पाद शामिल होंगे।

पारंपरिक मांस और कृषि उत्पादों के अलावा, अल्लाना अब पेट फूड, कॉफी, प्रोसेस्ड फ्रूट्स, बेकरी और फ्रोजन फूड्स जैसे क्षेत्रों में अवसर देख रहा है। जैसे-जैसे शहरी उपभोक्ताओं का रुझान सुविधा और प्रोटीन-युक्त भोजन की ओर बढ़ रहा है, ये श्रेणियां कंपनी के विस्तार में बड़ी भूमिका निभाएंगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1865 में एक कृषि-कमोडिटी ट्रेडिंग व्यवसाय के रूप में स्थापित, अल्लाना अब एक विविध खाद्य-प्रसंस्करण और निर्यात समूह बन चुका है। यह समूह मलेशिया, वियतनाम, यूएई, मिस्र और इथियोपिया जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सक्रिय है।

फोकस क्षेत्र पिछली रणनीति नई विकास रणनीति
राजस्व लक्ष्य ₹24,000 करोड़ ₹40,000 करोड़
बिजनेस मॉडल कमोडिटी ट्रेडिंग/निर्यात इंटीग्रेटेड कंज्यूमर ब्रांड्स
मुख्य प्राथमिकता वॉल्यूम-आधारित निर्यात हाई-मार्जिन प्रोटीन और पोल्ट्री
क्या आप जानते हैं?: अल्लाना ग्रुप 1865 से संचालित हो रहा है, जो इसे भारत के सबसे पुराने और सफल विविध खाद्य उद्यमों में से एक बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: अल्लाना ग्रुप किन व्यवसायों से बाहर निकल रहा है?
कंपनी ने विशिष्ट व्यवसायों का नाम नहीं बताया है, लेकिन पुष्टि की है कि वे कम मार्जिन वाले उन व्यवसायों को छोड़ रहे हैं जो उनके रणनीतिक लक्ष्यों से मेल नहीं खाते।

p>प्रश्न 2: इंडियन पोल्ट्री अलायंस की क्या भूमिका है?
यह 120 मिलियन डॉलर के निवेश वाला एक प्रोजेक्ट है जिसका उद्देश्य ब्रीडिंग से लेकर अंतिम उत्पाद तक पोल्ट्री की पूरी सप्लाई चेन पर नियंत्रण पाना है।