यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने मध्य पूर्व के संघर्षों के कारण बढ़ी महंगाई पर लगाम लगाने के लिए अपनी तीन प्रमुख ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि की है। इसका लक्ष्य मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य पर लाना है।
- ECB ने 16 सितंबर 2026 से प्रभावी तीन प्रमुख ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की।
- भू-राजनीतिक तनाव के कारण 2027 और 2028 के लिए मुद्रास्फीति अनुमान ऊपर संशोधित किए गए।
- 2026 और 2027 के लिए आर्थिक विकास के अनुमानों में सुधार किया गया है।
- गवर्निंग काउंसिल ने किसी निश्चित दर पथ के बजाय डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाने का फैसला किया है।
मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की गवर्निंग काउंसिल ने 10 सितंबर 2026 को अपनी तीन प्राथमिक ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की घोषणा की। यह रणनीतिक समायोजन ऐसे समय में आया है जब यूरो क्षेत्र निरंतर मुद्रास्फीति के दबाव से जूझ रहा है, जिसे मुख्य रूप से मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों ने और बढ़ा दिया है।
16 सितंबर 2026 से प्रभावी नई दर संरचना के तहत, डिपॉजिट फैसिलिटी 2.50%, मुख्य पुनर्वित्त संचालन (Main Refinancing Operations) 2.65% और मार्जिनल लेंडिंग फैसिलिटी 2.90% होगी। मौद्रिक नीति के इस कड़ापन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुद्रास्फीति अंततः मध्यम अवधि में ECB के 2% के निर्धारित लक्ष्य पर स्थिर हो जाए।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ECB अनियंत्रित मुद्रास्फीति को रोकने और आर्थिक विकास को समर्थन देने के बीच एक कठिन संतुलन बना रहा है। हालांकि बैंक ने 2026 (0.9%) और 2027 (1.4%) के लिए विकास अनुमान बढ़ाए हैं, लेकिन आने वाले वर्षों के लिए मुद्रास्फीति अनुमानों में वृद्धि यह दर्शाती है कि 2% के लक्ष्य तक पहुँचना उम्मीद से अधिक कठिन हो रहा है।
ECB का यह निर्णय आक्रामक स्थिरता की ओर एक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ अल्पकालिक आर्थिक मंदी के जोखिम के ऊपर मुद्रास्फीति लक्ष्य को प्राथमिकता दी गई है।
ECB के स्टाफ अनुमानों के अनुसार, हेडलाइन मुद्रास्फीति 2026 में औसत 3.0% रहेगी, जो 2027 में गिरकर 2.5% और 2028 में 2.1% हो जाएगी। ऊर्जा और खाद्य कीमतों को छोड़कर कोर मुद्रास्फीति के 2.3% से 2.6% के बीच रहने की संभावना है, जो कीमतों में वृद्धि की संरचनात्मक प्रकृति को उजागर करता है।
अपने बैलेंस शीट के संबंध में, ECB ने पुष्टि की कि एसेट परचेज प्रोग्राम (APP) और पैंडेमिक इमरजेंसी परचेज प्रोग्राम (PEPP) पोर्टफोलियो घट रहे हैं। यूरोसिस्टम ने परिपक्व प्रतिभूतियों से होने वाले मूल भुगतान का पुनर्निवेश करना बंद कर दिया है, जो ब्याज दर वृद्धि के पूरक के रूप में मात्रात्मक सख्ती (Quantitative Tightening) का संकेत है।
बाजार की अस्थिरता को रोकने के लिए, ECB ने जोर देकर कहा कि ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन इंस्ट्रुमेंट (TPI) उपलब्ध है। यह उपकरण यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि मौद्रिक नीति सभी सदस्य देशों में समान रूप से लागू हो और कुछ विशिष्ट देशों के लिए उधार लेने की लागत में अनावश्यक वृद्धि न हो।
| दर का प्रकार | नई दर (16 सितंबर 2026) | परिवर्तन |
|---|---|---|
| डिपॉजिट फैसिलिटी | 2.50% | +25 bps |
| मुख्य पुनर्वित्त | 2.65% | +25 bps |
| मार्जिनल लेंडिंग | 2.90% | +25 bps |
ECB ने आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद दरें क्यों बढ़ाईं?
ECB ने मध्य पूर्व के संघर्षों के कारण बढ़ी मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने के लिए दरें बढ़ाईं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि महंगाई स्थायी न हो जाए और 2% के लक्ष्य पर वापस आ जाए।
APP और PEPP की गिरावट का क्या प्रभाव होगा?
इन पोर्टफोलियो की गिरावट का मतलब है कि ECB सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड की अपनी होल्डिंग्स कम कर रहा है, जिससे वित्तीय प्रणाली में तरलता कम होती है और महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।