प्रोफेसर रुई झू की नई पुस्तक 'बिजनेस फॉर गुड' यह बताती है कि कैसे कंपनियां ESG अनुपालन से आगे बढ़कर सामाजिक समस्याओं के समाधान को अपने व्यावसायिक लाभ में बदल सकती हैं।

  • सामाजिक मूल्य को कंपनी की मुख्य ताकत के साथ एकीकृत करना व्यावसायिक लाभ ला सकता है।
  • 'बिजनेस फॉर गुड' मॉडल केवल लाभ के बाद दान करने के बजाय समस्या समाधान को बिजनेस मॉडल का हिस्सा बनाता है।
  • पुस्तक में 2,300 से अधिक वास्तविक परियोजनाओं और वैश्विक उदाहरणों का विश्लेषण किया गया है।

बीजिंग में हाल ही में जारी एक महत्वपूर्ण शोध और पुस्तक 'Business for Good: The Power to Create Change' ने कॉर्पोरेट जगत के सामने एक बुनियादी सवाल खड़ा किया है: क्या सामाजिक भलाई वास्तव में व्यावसायिक मूल्य पैदा कर सकती है? चेंग कोंग ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस (CKGSB) की मार्केटिंग प्रोफेसर और ESG अनुसंधान विभाग की निदेशक रुई (जूलियट) झू द्वारा लिखित यह पुस्तक इस धारणा को चुनौती देती है कि लाभ और उद्देश्य (Profit and Purpose) एक-दूसरे के विपरीत हैं।

प्रोफेसर झू के अनुसार, 'बिजनेस फॉर गुड' का अर्थ है सामाजिक प्रगति को उद्यम की मुख्य क्षमताओं के साथ इस तरह जोड़ना कि सामाजिक सुधार व्यावसायिक मूल्य भी उत्पन्न करे। यह दृष्टिकोण पारंपरिक CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) से अलग है, जहाँ कंपनियां मुनाफा कमाने के बाद उसका एक हिस्सा दान करती हैं। इसके बजाय, यह मॉडल सुझाव देता है कि वास्तविक सामाजिक समस्याओं का समाधान स्वयं व्यवसाय के ढांचे में अंतर्निहित होना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वर्तमान वैश्विक अर्थव्यवस्था में, निवेशक अब केवल वित्तीय रिटर्न नहीं, बल्कि ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) स्कोर को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। जब कंपनियां अनुपालन (Compliance) से आगे बढ़कर मूल्य सृजन (Value Creation) की ओर बढ़ती हैं, तो वे न केवल ब्रांड निष्ठा बढ़ाती हैं बल्कि परिचालन दक्षता में भी सुधार करती हैं। यह बदलाव विशेष रूप से ग्रेटर चाइना और उभरते बाजारों में महत्वपूर्ण है जहाँ नियामक दबाव बढ़ रहा है।

"बिजनेस फॉर गुड लाभ और उद्देश्य के बीच चयन करने के बारे में नहीं है, बल्कि सामाजिक मूल्य को उस काम में एकीकृत करने के बारे में है जिसे कंपनी पहले से ही अच्छी तरह से करती है।"

इस शोध को व्यावहारिक बनाने के लिए प्रोफेसर झू ने दो प्रमुख उपकरण पेश किए हैं। पहला, 'बिजनेस फॉर गुड ट्रायंगल थ्योरी', जो सह-लाभ दर्शन, संस्थागत सुरक्षा और रणनीतिक एकीकरण को जोड़ती है। दूसरा, 'एक्शन मैप', जो विभिन्न आकार के संगठनों के लिए पर्यावरण, सामाजिक और शासन आयामों में 35 प्रवेश बिंदु (Entry Points) प्रदान करता है, जिससे कंपनियों को यह पता चलता है कि शुरुआत कहाँ से करें।

पुस्तक में न केवल Patagonia और LEGO जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों का उल्लेख है, बल्कि Haidilao और recommerce कंपनी ATRENEW जैसे चीनी उद्यमों के सफल और असफल प्रयोगों का भी विस्तृत विवरण है। व्यवहारिक मनोविज्ञान का उपयोग करते हुए, लेखिका तर्क देती हैं कि स्थिरता कार्यक्रम अक्सर इसलिए विफल होते हैं क्योंकि वे मानवीय व्यवहार के विपरीत चलते हैं। सही डिजाइन के माध्यम से जिम्मेदार विकल्पों को अपनाना आसान बनाया जा सकता है।

क्या आप जानते हैं?: कई वैश्विक कंपनियां अब 'ट्रिपल बॉटम लाइन' (TBL) दृष्टिकोण अपना रही हैं, जो केवल मुनाफे के बजाय लोगों (People), ग्रह (Planet) और लाभ (Profit) तीनों को मापता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'बिजनेस फॉर गुड' और पारंपरिक CSR में क्या अंतर है?
उत्तर: पारंपरिक CSR मुनाफे के बाद किया जाने वाला कार्य है, जबकि 'बिजनेस फॉर गुड' सामाजिक समस्या के समाधान को सीधे बिजनेस मॉडल और लाभ कमाने की प्रक्रिया में एकीकृत करता है।

p>प्रश्न 2: यह पुस्तक किन कंपनियों के लिए उपयोगी है?
उत्तर: यह स्टार्टअप्स से लेकर बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक, उन सभी के लिए उपयोगी है जो ESG लक्ष्यों को व्यावसायिक विकास के साथ जोड़ना चाहते हैं।