मैजिकब्रिक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के रेंटल मार्केट में भारी तेजी देखी गई है। मांग में 16% की वृद्धि के मुकाबले उपलब्धता केवल 4.5% बढ़ी है, जिससे किराये की कीमतों में उछाल आया है।

  • किराये के घरों की मांग में 16% की वृद्धि, जबकि आपूर्ति केवल 4.5% बढ़ी।
  • 2 BHK और सेमी-फर्निश्ड घर किरायेदारों की पहली पसंद बने हुए हैं।
  • ग्रेटर नोएडा (32.5%) और दिल्ली (30.6%) में मांग की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई।
  • 10,000 से 30,000 रुपये के बीच के बजट वाले घरों की सर्वाधिक मांग है।

भारत के आवासीय रियल एस्टेट बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है। मैजिकब्रिक्स के नवीनतम रेंटल इंडेक्स के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में किराये के घरों की तलाश करने वालों की संख्या में पिछली तिमाही की तुलना में 16% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, बाजार में उपलब्ध घरों की संख्या केवल 4.5% बढ़ी है, जो मांग और आपूर्ति के बीच एक गहरे अंतर को दर्शाता है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत के रेंटल मार्केट में सालाना लगभग 7.53 लाख करोड़ रुपये की संभावित मांग है। यह बाजार 2024 से 2026 के बीच औसतन 2.4% की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। इस प्रवृत्ति से यह स्पष्ट है कि अब लोग घर खरीदने के बजाय किराये पर रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की भूमिका निर्णायक साबित हो रही है।

किरायेदारों की पसंद और बजट का विश्लेषण

रिपोर्ट से पता चलता है कि किरायेदारों का झुकाव मध्यम बजट और पर्याप्त सुविधाओं वाले घरों की ओर है। सबसे अधिक मांग (35%) उन घरों की है जिनका किराया 10,000 से 20,000 रुपये के बीच है, जबकि 20,000 से 30,000 रुपये की श्रेणी में 21% मांग है।

घर के आकार और फर्निशिंग के मामले में 2 BHK घर सबसे लोकप्रिय हैं, जिनकी हिस्सेदारी कुल मांग का 46% है। वहीं, 55% किरायेदार सेमी-फर्निश्ड घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि यह उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार घर को कस्टमाइज़ करने की आजादी देता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मांग और आपूर्ति का यह असंतुलन आने वाले समय में किराये की कीमतों को और ऊपर ले जा सकता है। विशेष रूप से एनसीआर (NCR) जैसे क्षेत्रों में, जहां आईटी हब और कॉर्पोरेट ऑफिस बढ़ रहे हैं, वहां आवास की कमी एक गंभीर चुनौती बन सकती है। यह स्थिति रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए 'रेंटल यील्ड' बढ़ाने का एक सुनहरा अवसर है।

"किराये के बाजार में यह उछाल शहरीकरण और युवाओं की बदलती जीवनशैली का परिणाम है, जहां लचीलापन (Flexibility) स्थिरता से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।"

शहरों के आधार पर मांग की तुलना नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:

शहरमांग में वृद्धि (%)
ग्रेटर नोएडा32.5%
दिल्ली30.6%
कोलकाता27.0%
नोएडा25.7%

कीमतों के मोर्चे पर, अप्रैल-जून तिमाही में किराये की दरों में पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% और पिछले वर्ष की तुलना में 6.2% की वृद्धि दर्ज की गई है।

क्या आप जानते हैं?: भारत में रेंटल मार्केट का डिजिटल होना इतना तेज है कि अब 70% से अधिक किरायेदार अपना पहला घर ऑनलाइन सर्च के जरिए ढूंढते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सबसे ज्यादा मांग वाले घर का आकार और किराया क्या है?
उत्तर: सबसे अधिक मांग 2 BHK घरों की है और बजट श्रेणी 10,000 से 20,000 रुपये प्रति माह है।

प्रश्न 2: किस शहर में किराये के घरों की मांग सबसे तेजी से बढ़ी है?
उत्तर: ग्रेटर नोएडा में मांग में सबसे अधिक 32.5% की वृद्धि देखी गई है।