वैश्विक बायोफार्मास्युटिकल दिग्गज MSD ने हैदराबाद में अपने नए 2.5 लाख वर्ग फुट के टेक्नोलॉजी सेंटर का शुभारंभ किया है। यह केंद्र शहर को वैश्विक जीवन विज्ञान और नवाचार के केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा।

  • MSD ने हैदराबाद में 2.5 लाख वर्ग फुट का नया टेक सेंटर खोला।
  • तेलंगाना सरकार के 'लाइफ साइंसेज पॉलिसी 2026-30' के तहत यह एक बड़ा कदम है।
  • राज्य में इस वर्ष 100 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।

वैश्विक बायोफार्मास्युटिकल दिग्गज MSD ने गुरुवार को हैदराबाद में अपने नए और विशाल टेक्नोलॉजी सेंटर के आधिकारिक उद्घाटन की घोषणा की। इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू द्वारा किया गया। यह केंद्र MSD के वैश्विक प्रौद्योगिकी नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कंपनी की डिजिटल स्वास्थ्य क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, यह केंद्र पहले एक साझा स्थान (shared space) से संचालित हो रहा था, लेकिन अब इसे एक समर्पित 2.5 लाख वर्ग फुट के परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह विस्तार न केवल MSD की विकास महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, बल्कि हैदराबाद के तकनीकी बुनियादी ढांचे में बढ़ते विश्वास को भी प्रमाणित करता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, MSD का यह निवेश केवल एक कार्यालय का विस्तार नहीं है, बल्कि यह भारत की 'डिजिटल हेल्थ' क्षमता का लाभ उठाने की एक रणनीतिक चाल है। जब वैश्विक कंपनियां अपने कोर टेक ऑपरेशंस को भारत स्थानांतरित करती हैं, तो यह स्थानीय प्रतिभाओं के लिए उच्च-मूल्य वाले रोजगार के अवसर पैदा करता है।

"हैदराबाद का जीवंत तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र और गहरा डिजिटल अनुभव इसे MSD जैसी वैश्विक कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।"

मंत्री श्रीधर बाबू ने इस अवसर पर कहा कि तेलंगाना ने 2,000 से अधिक कंपनियों के साथ एक संपूर्ण 'लाइफ साइंसेज इकोसिस्टम' विकसित किया है। राज्य अब केवल विनिर्माण (manufacturing) तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्नत अनुसंधान और विकास (R&D) और वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षमताओं के केंद्र के रूप में उभरा है।

राज्य सरकार की नेक्स्ट-जेन लाइफ साइंसेज पॉलिसी 2026-30 का उद्देश्य खोज, विनिर्माण और नैदानिक अनुसंधान को एक साथ लाना है। मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि तेलंगाना इस वर्ष 100 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) तक पहुँचने वाला है, जिससे राज्य में लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजित होंगे।

क्या आप जानते हैं?: हैदराबाद को अक्सर 'जीनोम वैली' के रूप में जाना जाता है, जो इसे एशिया में जैव प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल्स के सबसे बड़े क्लस्टर्स में से एक बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. MSD का नया टेक सेंटर कितना बड़ा है?
यह नया टेक्नोलॉजी सेंटर लगभग 2.5 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है।

2. तेलंगाना सरकार का GCCs के लिए क्या लक्ष्य है?
सरकार का लक्ष्य इस वर्ष कुल 100 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) स्थापित करना है।