ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले रूस भारत में अपनी विमानन उपस्थिति बढ़ाने के लिए 105 क्षेत्रीय विमानों की बड़ी डील और SJ-100 के स्थानीय उत्पादन की योजना बना रहा है।
- रूस का यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) भारत को 105 क्षेत्रीय विमान आपूर्ति कर सकता है।
- SJ-100 क्षेत्रीय जेट के भारत में स्थानीय निर्माण पर चर्चा 80% पूरी हो चुकी है।
- पिनैकल एयर, एयर केरल और स्लीक एविएशन जैसे भारतीय ऑपरेटरों के साथ समझौतों की तैयारी है।
भारत और रूस के बीच रणनीतिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित Innoprom India प्रदर्शनी के दौरान, रूस का यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) भारतीय विमानन कंपनियों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौतों की कगार पर है। यह कदम न केवल व्यापारिक है, बल्कि ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से पहले दोनों देशों के बीच औद्योगिक तालमेल को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है।
इस पूरी योजना का केंद्र IL-114-300 क्षेत्रीय यात्री विमान है। UAC के सीईओ वडिम बदेखा ने संकेत दिया है कि पिछले छह महीनों में भारतीय भागीदारों के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। प्रस्तावित सौदों के अनुसार, पिनैकल एयर के लिए 50 विमान, एयर केरल के लिए 20 विमान और स्लीक एविएशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत 35 विमानों की आपूर्ति की योजना है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह सौदा केवल विमानों की खरीद तक सीमित नहीं है। रूस अब भारत को अपने विमान निर्माण के एक वैश्विक केंद्र के रूप में देख रहा है। पारंपरिक रक्षा सौदों से आगे बढ़कर नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) में प्रवेश करना रूस के लिए पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच नए बाजार खोजने की एक बड़ी कोशिश है, जबकि भारत के लिए यह 'मेक इन इंडिया' पहल को मजबूती देगा।
विशेष रूप से SJ-100 क्षेत्रीय जेट का मामला अत्यंत महत्वपूर्ण है। UAC और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच इस विमान के लाइसेंस प्राप्त संयुक्त उत्पादन पर चर्चा लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में भारत में रूसी तकनीक से लैस विमानों का निर्माण हो सकता है।
"नागरिक उड्डयन में यह सहयोग भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) को गति देगा और रूस को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक मजबूत विनिर्माण आधार प्रदान करेगा।"
इससे पहले, जनवरी में हैदराबाद में 'विंग्स इंडिया' प्रदर्शनी के दौरान फ्लेमिंगो एयरोस्पेस के साथ छह IL-114-300 विमानों की आपूर्ति के लिए एक प्रारंभिक समझौता किया गया था। अब यह विस्तार बड़े पैमाने पर हो रहा है।
| विमान मॉडल | मुख्य उद्देश्य | संभावित भारतीय भागीदार |
|---|---|---|
| IL-114-300 | क्षेत्रीय यात्री परिवहन | पिनैकल एयर, एयर केरल, स्लीक एविएशन |
| SJ-100 | स्थानीय विनिर्माण और जेट सेवा | HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) |
Frequently Asked Questions
1. रूस भारत में कितने विमान भेजने की योजना बना रहा है?
रूस कुल 105 क्षेत्रीय यात्री विमानों (IL-114-300) की आपूर्ति करने पर विचार कर रहा है।
2. SJ-100 विमान का भारत में क्या महत्व है?
SJ-100 का भारत में स्थानीय उत्पादन होगा, जिससे भारत में विमान निर्माण क्षमता बढ़ेगी और HAL को तकनीकी लाभ मिलेगा।