डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति आने वाली है। बैंक ऑफ अमेरिका के Zelle और भारत के UPI के बीच एक 'ब्रिज' तैयार किया जा रहा है, जिससे अमेरिका से भारत पैसे भेजना बेहद आसान हो जाएगा।

  • बैंक ऑफ अमेरिका Zelle-UPI ब्रिज के माध्यम से रियल-टाइम क्रॉस-बॉर्डर भुगतान पर काम कर रहा है।
  • Zelle के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए भारत पहला देश चुना गया है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका से भारत आने वाले 37 बिलियन डॉलर के प्रेषण (Remittance) को सरल बनाना है।

भारत की कैशलेस भुगतान प्रणाली, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), जल्द ही अमेरिका में उपलब्ध होने वाली है। यह कदम वहां रहने वाले गैर-निवासी भारतीयों (NRIs) और भारतीय पेशेवरों के लिए लेनदेन को बेहद सरल बना देगा। बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जो अमेरिका के Zelle नेटवर्क को भारत के UPI से जोड़ेगा।

इस परियोजना को अर्ली वार्निंग सर्विसेज (Early Warning Services) के साथ विकसित किया जा रहा है, जो Zelle का नेटवर्क ऑपरेटर है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, अमेरिका के उपभोक्ताओं के लिए Zelle के माध्यम से भुगतान करने के लिए भारत पहला देश होगा। दुनिया में सबसे अधिक प्रेषण प्राप्त करने वाले देश के रूप में, भारत इस विस्तार के लिए एक स्वाभाविक शुरुआती बिंदु है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक तकनीकी अपडेट नहीं, बल्कि एक रणनीतिक आर्थिक कदम है। वर्ष 2024-25 में, भारत को कुल 135.46 बिलियन डॉलर का प्रेषण प्राप्त हुआ, जिसमें से लगभग 37 बिलियन डॉलर अकेले अमेरिका से आए। Zelle और UPI का एकीकरण इन लेन-देन की लागत को कम करेगा और समय की बचत करेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपने मौजूदा बैंकिंग ऐप से बाहर निकले बिना अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।

"क्रॉस-बॉर्डर भुगतान अब अधिक गति, पारदर्शिता और एकीकरण की ओर बढ़ रहे हैं, और भारत इस परिवर्तन में सबसे प्रभावशाली बाजारों में से एक है।"

बैंक ऑफ अमेरिका के ट्रांजैक्शनल FX के वैश्विक प्रमुख डैनियल स्टैंटन ने बताया कि यह समाधान खुदरा और छोटे व्यवसायों के लिए एक सुरक्षित विकल्प प्रदान करेगा। यह परियोजना BofA की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह 10 प्रमुख वैश्विक बाजारों में रियल-टाइम भुगतान (RTP) क्षमताओं का विस्तार कर रहा है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI), जो UPI का संचालन करता है, पहले ही इस प्रणाली को 11 देशों में पहुंचा चुका है। अमेरिका में Zelle ब्रिज के माध्यम से UPI का प्रवेश भारतीय फिनटेक के वैश्वीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

विशेषतापारंपरिक प्रेषण (Remittance)UPI-Zelle ब्रिज (प्रस्तावित)
स्थानांतरण गतिकई दिन या सप्ताहतत्काल/रियल-टाइम
उपयोगकर्ता अनुभवमैनुअल फॉर्म/जटिल ऐपएम्बेडेड डिजिटल एलियास
पहुंचउच्च शुल्क/जटिल प्रक्रियाकम घर्षण/एकीकृत
क्या आप जानते हैं?: भारत 2024-25 में 135 बिलियन डॉलर से अधिक प्रेषण प्राप्त कर दुनिया का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता देश बना रहा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: UPI-Zelle ब्रिज कब तक उपलब्ध होगा?
उम्मीद है कि यह पायलट प्रोजेक्ट के बाद 2026 के अंत तक उपलब्ध हो जाएगा।

प्रश्न 2: इस सेवा का लाभ किसे मिलेगा?
मुख्य रूप से अमेरिका में रहने वाले भारतीयों, NRIs और बैंक ऑफ अमेरिका जैसे Zelle-जुड़े संस्थानों के ग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा।