इरोड जिला प्रशासन ने सांबा 2026-27 सीजन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत नामांकन शुरू कर दिया है। किसानों से 15 नवंबर तक पंजीकरण करने का आग्रह किया गया है ताकि फसल नुकसान के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा मिल सके।

  • PMFBY सांबा 2026-27 के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 15 नवंबर है।
  • अधिकतम बीमा राशि ₹39,300 प्रति एकड़ है, जबकि प्रीमियम ₹589.50 है।
  • ऋण लेने वाले और गैर-ऋणी दोनों किसान, जिनमें बटाईदार भी शामिल हैं, पात्र हैं।

इरोड के जिला प्रशासन ने जिले के सभी धान किसानों से आगामी रबी स्पेशल (सांबा) 2026-27 सीजन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत पंजीकरण करने का आह्वान किया है। जिला कलेक्टर एस. कंदासामी ने स्पष्ट किया कि आवेदन की अंतिम तिथि 15 नवंबर है, और किसानों को वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द आवेदन करना चाहिए।

जिले में इस योजना का कार्यान्वयन एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। प्रशासन ने फिरका स्तर पर धान की फसलों के बीमा के लिए अधिसूचना जारी की है, ताकि भौगोलिक कवरेज स्पष्ट रहे।

किसानों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया

पंजीकरण की प्रक्रिया किसान की वित्तीय स्थिति के आधार पर अलग-अलग है। जिन किसानों ने राष्ट्रीयकृत बैंकों या प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियों (PACCS) से फसल ऋण लिया है, वे सीधे उन्हीं संस्थानों के माध्यम से बीमा का विकल्प चुन सकते हैं। यह प्रक्रिया ऋण लेने वाले किसानों के लिए अत्यंत सरल बनाई गई है।

गैर-ऋणी किसानों के लिए प्रक्रिया में कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। वे सामान्य सेवा केंद्रों (CSC), PACCS या राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से नामांकन कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों में ग्राम प्रशासनिक अधिकारी से प्राप्त वर्तमान फसल वर्ष का अदंगल प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की प्रति, आधार कार्ड और चित्ता शामिल हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, तमिलनाडु में अनियमित मानसून और कीटों के हमलों के कारण कृषि जोखिम बढ़ गया है, जिससे फसल बीमा अब एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन गया है। ₹589.50 के मामूली प्रीमियम पर ₹39,300 प्रति एकड़ की अधिकतम बीमा राशि प्रदान करके, सरकार उन कर्ज के जाल को रोकने की कोशिश कर रही है जो अक्सर फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को घेर लेते हैं।

"फसल बीमा ही एकमात्र ऐसा तंत्र है जो किसानों के अस्तित्व को मौसम की अनिश्चितताओं से अलग कर सकता है, जिससे कृषि जुए के बजाय एक स्थायी व्यवसाय बन जाती है।"

प्रशासन ने विशेष रूप से बटाईदार किसानों से भी अपील की है, जिन्हें अक्सर भूमि स्वामित्व आधारित योजनाओं में नजरअंदाज कर दिया जाता है, कि वे इस योजना का लाभ उठाएं।

श्रेणीऋणी किसानगैर-ऋणी किसान
पंजीकरण केंद्रबैंक / PACCSCSC / बैंक / PACCS
दस्तावेजऋण रिकॉर्डअदंगल, आधार, चित्ता, पासबुक
प्रीमियम लागत₹589.50 / एकड़₹589.50 / एकड़
क्या आप जानते हैं?: PMFBY दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजनाओं में से एक है, जो फसल के नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए सैटेलाइट डेटा और ड्रोन का उपयोग करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: सांबा 2026-27 बीमा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
नामांकन की अंतिम तिथि 15 नवंबर है।

प्रश्न 2: क्या बटाईदार किसान इस बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, जिला कलेक्टर एस. कंदासामी ने विशेष रूप से बटाईदार किसानों को इस योजना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है।