ब्रिक्स देशों ने एक संयुक्त घोषणा में परिवहन क्षमता बढ़ाने और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने का संकल्प लिया है, साथ ही सभी सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर दिया है।

  • ब्रिक्स देशों ने नागरिक उड्डयन और परिवहन बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
  • सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर विशेष जोर दिया गया।
  • डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए 'सबमरीन केबल इंफ्रास्ट्रक्चर' को आधार बनाने का निर्णय।
  • न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) को बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के लिए मुख्य चालक माना गया।

ब्रिक्स (BRICS) देशों ने शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में वैश्विक परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप पेश किया है। इस घोषणा में भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख देशों ने परिवहन क्षमता, विशेष रूप से नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) में सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से पुख्ता किया है।

इस घोषणा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सभी सदस्य देश परिवहन सहयोग करते समय एक-दूसरे की 'संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता' का सम्मान करने पर सहमत हुए हैं। यह बयान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है। ब्रिक्स के इस साझा रुख से भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए एक कूटनीतिक संतुलन बनाने की उम्मीद है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, ब्रिक्स का यह कदम केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी प्रभुत्व वाले आर्थिक ढांचे के विकल्प के रूप में उभर रहा है। जब भारत और चीन जैसे विशाल रेल और सड़क नेटवर्क वाले देश एक साथ आते हैं, तो यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) के समीकरणों को बदल सकता है।

परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी में ब्रिक्स का यह तालमेल उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक नया आर्थिक ब्लॉक तैयार कर रहा है जो वैश्विक मानकों को चुनौती दे सकता है।

घोषणा में 'ब्रिक्स रेलवे रिसर्च नेटवर्क' (BRICS Railway Research Network) के प्रस्ताव पर चर्चा करने और टिकाऊ परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सहयोग को गहरा करने की बात कही गई है। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 'सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल' और कम कार्बन उत्सर्जन वाले ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है।

डिजिटल और वित्तीय मजबूती

डिजिटल युग की जरूरतों को समझते हुए, ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए 'सबमरीन केबल इंफ्रास्ट्रक्चर' को एक अनिवार्य आधार बताया है। एक समर्पित टास्क फोर्स ने 'ब्रिक्स केबल आवश्यकताएं' पर एक निर्देशिका तैयार की है, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच एक उच्च गति वाला संचार नेटवर्क स्थापित करना है।

वित्तीय मोर्चे पर, न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) को विकास प्राथमिकताओं को पूरा करने और बुनियादी ढांचे के संसाधनों को जुटाने के लिए एक महत्वपूर्ण इंजन के रूप में मान्यता दी गई है। बैंक को स्थानीय मुद्रा वित्तपोषण का विस्तार करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है ताकि उभरती अर्थव्यवस्थाओं में असमानता को कम किया जा सके।

Did You Know?: भारत, चीन और रूस दुनिया के उन शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं जिनके पास सबसे बड़े रेलवे और सड़क नेटवर्क हैं।

Frequently Asked Questions

1. ब्रिक्स देशों ने परिवहन के क्षेत्र में क्या नया प्रस्ताव रखा है?
ब्रिक्स ने रेलवे रिसर्च नेटवर्क और नागरिक उड्डयन में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास का प्रस्ताव दिया है।

2. डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए क्या योजना है?
सदस्य देश सबमरीन केबल के माध्यम से एक उच्च गति वाले अंतरराष्ट्रीय संचार नेटवर्क को स्थापित करने पर काम कर रहे हैं।