दक्षिण तटीय रेलवे के मुख्य परिचालन प्रबंधक विनीत कुमार ने कृष्णपट्टनम बंदरगाह का दौरा किया और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। बंदरगाह ने इस वर्ष 25 मिलियन टन माल लोड करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
- PCOM विनीत कुमार ने कृष्णपट्टनम बंदरगाह और प्रमुख रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया।
- बंदरगाह ने अब एक साथ दो साइलो संचालित करने के लिए नई कन्वेयर प्रणाली जोड़ी है।
- इस वित्तीय वर्ष के लिए 25 मिलियन टन रेल माल ढुलाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- बंदरगाह अब 'केपसाइज' जहाजों को संभालने में सक्षम है।
दक्षिण तटीय रेलवे (SCoR) के प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (PCOM), विनीत कुमार ने शनिवार को अडानी कृष्णपट्टनम पोर्ट लिमिटेड का दौरा किया। इस महत्वपूर्ण दौरे का उद्देश्य बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के विकास और माल ढुलाई प्रबंधन क्षमता का व्यापक मूल्यांकन करना था।
निरीक्षण के दौरान, श्री कुमार ने पोर्ट के सीईओ जगदीश पाटिल के साथ रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बंदरगाह की परिचालन दक्षता बढ़ाने के संबंध में गहन चर्चा की। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु लॉजिस्टिक्स श्रृंखला को सुव्यवस्थित करना और रेलवे के माध्यम से माल की आवाजाही को तेज करना था।
बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार
कृष्णपट्टनम बंदरगाह ने अपनी साइलो-लोडिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। एक नई फीडिंग कन्वेयर प्रणाली को जोड़कर, अब दो साइलो एक साथ संचालित हो सकते हैं, जिससे लोडिंग दक्षता में भारी सुधार हुआ है। इसके अतिरिक्त, एक नए मशीनीकृत बर्थ के जुड़ने के साथ, बंदरगाह के पास अब छह मशीनीकृत बर्थ हैं।
यह विस्तार बंदरगाह को 'केपसाइज' (Capesize) जहाजों को संभालने की क्षमता प्रदान करता है, जो एक बार में एक लाख टन से अधिक कार्गो ले जा सकते हैं। यह क्षमता भारत के समुद्री व्यापार को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बंदरगाह और रेलवे के बीच का यह समन्वय भारत के लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने और निर्यात क्षमता को बढ़ाने में गेम-चेंजर साबित होगा।
लक्ष्य और भविष्य की राह
SCoR अधिकारियों के अनुसार, बंदरगाह ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान रेल के माध्यम से 25 मिलियन टन माल लोड करने का लक्ष्य रखा है। यह पिछले वित्तीय वर्ष में हासिल किए गए 22.7 मिलियन टन की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है।
विनीत कुमार ने केवल बंदरगाह ही नहीं, बल्कि मनुबोलु, कृष्णपट्टनम, रापुर और निडुगुंटालपलेम रेलवे स्टेशनों और गुड्स शेड का भी क्षेत्र निरीक्षण किया। उन्होंने परिचालन सुरक्षा, दक्षता और चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरे में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक ए. सुरेश रेड्डी और अन्य प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित थे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कृष्णपट्टनम बंदरगाह का यह आधुनिकीकरण न केवल आंध्र प्रदेश के लिए बल्कि भारत की समग्र समुद्री अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी और बड़े जहाजों को संभालने की क्षमता सीधे तौर पर देश की जीडीपी और व्यापार संतुलन को प्रभावित करेगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कृष्णपट्टनम बंदरगाह ने इस वर्ष का क्या लक्ष्य रखा है?
उत्तर: बंदरगाह ने इस वित्तीय वर्ष में रेल के माध्यम से 25 मिलियन टन माल लोड करने का लक्ष्य रखा है।
प्रश्न 2: नए बुनियादी ढांचे से क्या लाभ होगा?
उत्तर: नई कन्वेयर प्रणाली और मशीनीकृत बर्थ से लोडिंग दक्षता बढ़ेगी और बंदरपट्टनम अब बड़े 'केपसाइज' जहाजों को संभालने में सक्षम होगा।