कर्नाटक और केरल के सुपारी उत्पादकों की प्रमुख संस्था CAMPCO ने अपने व्यापार को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। संस्था अब देश भर से सुपारी की खरीद करेगी और निर्यात के लिए नया यूनिट भी स्थापित करेगी।
- CAMPCO अब पूरे भारत में सुपारी की खरीद और बिक्री का विस्तार करेगा।
- मंगळुरु में एक नया सुपारी निर्यात इकाई (Export Unit) स्थापित किया जाएगा।
- जनवरी 2027 में मंगळुरु में एक अंतरराष्ट्रीय सुपारी सम्मेलन आयोजित होगा।
- सदस्य किसानों को इस वर्ष 14% लाभांश (Dividend) दिया जाएगा।
सेंट्रल अरेकानट एंड कोको मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कोऑपरेटिव लिमिटेड (CAMPCO), जो कर्नाटक और केरल के सुपारी उत्पादकों की एक प्रमुख अंतर-राज्यीय सहकारी संस्था है, ने अपने परिचालन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। शनिवार को मंगळुरु में आयोजित संस्था की 52वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में अध्यक्ष एस.आर. सतीशचंद्र ने इस विस्तार रणनीति का खुलासा किया।
अध्यक्ष सतीशचंद्र के अनुसार, वैश्विक बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण CAMPCO के लिए अब अपने व्यापारिक दायरे को बढ़ाना अनिवार्य हो गया है। इसके तहत, विभिन्न राज्यों की सहकारी समितियों के साथ सीधे खरीद और बिक्री के लिए समझौते किए जाएंगे। यह कदम न केवल सुपारी के व्यापार को सुदृढ़ करेगा, बल्कि अन्य राज्यों से कृषि उपज को कर्नाटक और केरल में लाने में भी मदद करेगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि CAMPCO का यह कदम भारतीय कृषि सहकारी मॉडल में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने से छोटे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी। यह कदम सहकारी संस्थाओं के माध्यम से वैश्विक बाजार में भारत की पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए सहकारी संस्थाओं का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गया है।
इस विस्तार योजना के साथ ही, संस्था ने मंगळुरु में एक समर्पित सुपारी निर्यात इकाई (Arecanut Export Unit) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, संस्था अब सुपारी के साथ-साथ कटहल और काजू की खरीद पर भी विचार कर रही है, जिससे किसानों की आय के स्रोतों में विविधता आएगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
CAMPCO की स्थापना सुपारी और कोको उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए की गई थी। दशकों से यह संस्था कर्नाटक और केरल के लाखों किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है। संस्था के संस्थापक स्वर्गीय वाराणसी सुब्रमण्यम भट्ट के योगदान को देखते हुए, सदस्यों ने उनके नाम पर 'पद्म श्री' पुरस्कार दिलाने की मांग भी उठाई है।
बैठक के दौरान सदस्य किसानों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें सुपारी की कीमतों में वृद्धि होने पर किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देना और बीमा सुविधाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है। संस्था ने इस वर्ष अपने सदस्य किसानों को 14% लाभांश वितरित करने पर भी सहमति व्यक्त की है।
Frequently Asked Questions
1. CAMPCO का विस्तार किस दिशा में होगा?
CAMPCO अब केवल कर्नाटक और केरल तक सीमित न रहकर पूरे भारत में सुपारी की खरीद और बिक्री का विस्तार करेगा।
2. आगामी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कब होगा?
जनवरी 2027 में मंगळुरु में एक अंतरराष्ट्रीय सुपारी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खाद्य सुरक्षा और बाजार गतिशीलता पर चर्चा होगी।