कनारा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KCCI) ने कर्नाटक सरकार से मंगलुरु में एक एकीकृत मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने का आग्रह किया है। यह पहल शहर को अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।

  • KCCI ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मंगलुरु में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने की मांग की।
  • मंगलुरु की रणनीतिक स्थिति इसे दुबई और सिंगापुर जैसे वैश्विक बाजारों के करीब लाती है।
  • JESCO और KISCO की खाली पड़ी भूमि को MSMEs के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव।
  • बैलकंज भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे में सुधार की तत्काल आवश्यकता।

मंगलुरु में होने वाली राज्य सरकार की पहली कैबिनेट बैठक से पहले, कनारा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KCCI) ने एक महत्वपूर्ण मांग पत्र प्रस्तुत किया है। चैंबर के अध्यक्ष पी.बी. अहमद मुदस्सर ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से आग्रह किया है कि शहर की आर्थिक क्षमता का लाभ उठाने के लिए एक एकीकृत या मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित किया जाए।

मंगलुरु की भौगोलिक स्थिति इसे एक अद्वितीय लाभ प्रदान करती है। दुबई और सिंगापुर जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजार यहां से उड़ान द्वारा पांच घंटे से भी कम की दूरी पर हैं। समुद्री, हवाई और सड़क मार्ग के माध्यम से मजबूत कनेक्टिविटी के साथ, मंगलुरु मुंबई, पुणे, कोच्चि और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लिए एक प्रमुख लॉजिस्टिक गेटवे बन सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यदि यह लॉजिस्टिक पार्क साकार होता है, तो यह न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि कर्नाटक को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना देगा। इससे कोल्ड स्टोरेज, सीमा शुल्क निकासी और MRO (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा।

मंगलुरु की रणनीतिक स्थिति इसे दक्षिण एशिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों में से एक बनाने की क्षमता रखती है।

KCCI ने औद्योगिक विकास के लिए भूमि अधिग्रहण के लंबे समय से लंबित मुद्दों को भी उठाया है। विशेष रूप से, उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिलों में 1,050 एकड़ भूमि के अधिग्रहण में देरी ने MSMEs के विकास को बाधित किया है। इसके अतिरिक्त, 400 एकड़ JESCO भूमि और 50 एकड़ KISCO भूमि पिछले 30 वर्षों से अप्रयुक्त पड़ी है, जिसे चैंबर ने MSMEs के लिए पुनर्वितरित करने का सुझाव दिया है।

बुनियादी ढांचे की चुनौतियां

बैलकम्पाडी औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए, KCCI ने कहा कि KIADB द्वारा प्रस्तावित ₹50 करोड़ का जल उपचार संयंत्र तब तक अप्रभावी रहेगा जब तक कि एक उचित भूमिगत जल निकासी प्रणाली नहीं बनाई जाती। इसके अलावा, उद्योगों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति और सड़कों की खराब स्थिति को भी तत्काल सुधारने की आवश्यकता है।

Did You Know?: मंगलुरु कर्नाटक का एकमात्र ऐसा बंदरगाह है जो साल भर (All-weather) काम करने वाला गहरा ड्राफ्ट पोर्ट है।

Frequently Asked Questions

1. KCCI का मुख्य प्रस्ताव क्या है?
KCCI का मुख्य प्रस्ताव मंगलुरु में एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क और एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करना है।

2. MSMEs को भूमि से संबंधित क्या समस्या है?
भूमि अधिग्रहण में देरी और JESCO/KISCO की खाली पड़ी भूमि का उपयोग न होना MSMEs के विस्तार में बड़ी बाधा है।