वैश्विक आर्थिक दबावों और घरेलू बाजारों में बिकवाली के चलते सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और पटना समेत देश के प्रमुख शहरों में खुदरा कीमतों में भारी कमी आई है, जिससे खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।

  • मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा भाव में भारी गिरावट देखी गई।
  • दिल्ली और लखनऊ में 24 कैरेट सोने की कीमत गिरकर ₹1,54,230 प्रति 10 ग्राम पर आ गई है।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें 0.37% और चांदी 0.60% तक कमजोर हुई हैं।

भारतीय सर्राफा बाजार और कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में आई कमजोरी के प्रभाव स्वरूप घरेलू बाजार में भी कीमती धातुओं के दाम काफी नीचे आ गए हैं। इस गिरावट से त्योहारी सीजन से ठीक पहले खुदरा खरीदारों और निवेशकों को एक बड़ा अवसर मिला है। दिल्ली से लेकर मुंबई और पटना तक सोने की कीमतों में औसतन ₹500 प्रति 10 ग्राम तक की कमी देखी गई है।

एमसीएक्स (MCX) पर कीमतों का हाल

कमोडिटी मार्केट यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आगामी 5 अक्टूबर के फ्यूचर ट्रेड के लिए 10 ग्राम सोने की कीमत 230 रुपये घटकर ₹1,51,000 पर आ गई है। वहीं, औद्योगिक मांग में कमी के चलते चांदी की कीमतों में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव ₹1300 प्रति किलोग्राम टूटकर ₹2,31,300 पर कारोबार कर रहा था। इस गिरावट ने बाजार के विश्लेषकों को भी चौंका दिया है क्योंकि पिछले कुछ सप्ताह से कीमतें लगातार बढ़ रही थीं।

प्रमुख शहरों में आज के सोने के दाम

देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय करों और चुंगी के कारण सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। नीचे दिए गए तुलनात्मक चार्ट में देश के चार प्रमुख शहरों के ताजा दाम दर्शाए गए हैं:

शहर24 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)22 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)18 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)
दिल्ली₹1,54,230₹1,41,390₹1,15,710
मुंबई₹1,54,080₹1,41,240₹1,15,560
लखनऊ₹1,54,230₹1,41,390₹1,15,710
पटना₹1,54,130₹1,41,290₹1,15,610

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा (एनर्जी) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने सोने और चांदी पर दबाव बढ़ा दिया है। बढ़ती ऊर्जा दरों के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका प्रबल हो गई है। जब भी ब्याज दरें बढ़ने की संभावना होती है, निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले सुरक्षित निवेश से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड्स की तरफ रुख करते हैं, जिससे सोने की कीमतों में गिरावट आती है।

"ऊर्जा संकट और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को कड़ा रखने के संकेतों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने के आकर्षण को अस्थायी रूप से कम किया है। हालांकि, लंबे समय में मुद्रास्फीति के खिलाफ सोना हमेशा एक मजबूत ढाल बना रहेगा।"

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की स्थिति

वैश्विक कमोडिटी बाजारों में भी मंदी का रुख साफ दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का हाजिर भाव 0.37 फीसदी की गिरावट के साथ 4,336.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। इसी तरह, वैश्विक चांदी की कीमत भी 0.60 फीसदी की गिरावट लेकर 63.775 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ऊर्जा संकट की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

क्या आप जानते हैं?: सोना इतना लचीला होता है कि केवल 28 ग्राम (एक औंस) सोने को पीटकर लगभग 100 वर्ग फुट की एक विशाल और बेहद पतली चादर बनाई जा सकती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सोने और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट क्यों आई?
उत्तर: वैश्विक बाजार में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका बढ़ गई है, जिससे निवेशकों ने सोने से दूरी बनाई है।

प्रश्न 2: क्या यह सोने में निवेश करने का सही समय है?
उत्तर: बाजार में आई गिरावट खुदरा खरीदारों के लिए निवेश का अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि, किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।