एप्पल ने भारत में अपने आईफोन की कीमतों में 22% से 25% तक की भारी वृद्धि की है, जिससे आगामी त्योहारी सीजन के दौरान स्मार्टफोन बाजार में मंदी का खतरा पैदा हो गया है। इस वृद्धि का असर न केवल प्रीमियम ग्राहकों पर, बल्कि पूरे स्मार्टफोन इकोसिस्टम और एंड्रॉयड बाजार पर भी पड़ सकता है।

  • एप्पल ने आईफोन की कीमतों में 22% से 25% तक की वृद्धि की है।
  • भारत में नए मॉडल्स (जैसे iPhone 18 Pro) अमेरिका की तुलना में काफी महंगे हैं।
  • विशेषज्ञों ने त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में 50% तक की गिरावट की चेतावनी दी है।
  • कीमतों में वृद्धि से ग्रे मार्केट और रिफर्बिश्ड फोन की मांग बढ़ सकती है।

एप्पल ने भारत में अपने आईफोन की कीमतों में 22% से 25% की भारी वृद्धि करके स्मार्टफोन उद्योग में हलचल मचा दी है। यह कदम स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि पुराने मॉडल अब सस्ते नहीं होंगे। उदाहरण के तौर पर, iPhone 17 की कीमत में ₹17,000 और iPhone Air की कीमत में ₹30,000 की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि एप्पल के वफादार ग्राहक ईएमआई (EMI) विकल्पों के कारण खरीदारी जारी रख सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के आगामी त्योहारी सीजन की रौनक को कम कर सकता है।

Techarc के संस्थापक फैसल कावूस ने चेतावनी देते हुए कहा, "यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में 50% तक की गिरावट देखी जा सकती है।" यह केवल एप्पल तक सीमित नहीं है; एंड्रॉयड निर्माता भी नवंबर 2025 से अपनी कीमतों में वृद्धि कर रहे हैं। मेमोरी संकट के कारण अगले 2-3 वर्षों तक डिवाइस की कीमतें बढ़ना तय है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि एप्पल की यह रणनीति भारत के रिटेल इकोसिस्टम के लिए एक दोधारी तलवार है। एक तरफ यह एप्पल के मुनाफे को बढ़ा सकती है, लेकिन दूसरी तरफ यह वैध खुदरा विक्रेताओं और राष्ट्रीय राजस्व के लिए खतरा पैदा कर सकती है। यदि कीमतें नियंत्रण से बाहर होती हैं, तो उपभोक्ता 'ग्रे मार्केट' या विदेश से फोन मंगवाने जैसे विकल्पों की ओर रुख करेंगे।

कीमतों में भारी अंतर भारत में ग्रे मार्केट और वैश्विक वारंटी वाले आयात को बढ़ावा देता है।

AIMRA के अध्यक्ष कैलाश लाखयानी के अनुसार, विवो और रियलमी जैसे ब्रांडों के एंट्री-लेवल मॉडल की कीमतों में 100% तक की वृद्धि देखी गई है। इसके परिणामस्वरूप, जनरल ट्रेड में बिक्री 30%–40% तक गिर गई है। भारत में कीमतों के इतने अधिक होने का मुख्य कारण आयात शुल्क (Import Duty), जीएसटी (GST) और कमजोर रुपया है। विशेष रूप से एप्पल का नया फोल्डेबल फोन, iPhone Duo, भारत में लगभग ₹3,00,000 का है, जो अमेरिका की तुलना में 33% अधिक है।

मॉडलकीमत में वृद्धि (अनुमानित)बाजार पर प्रभाव
iPhone 17₹17,000 अधिकबजट प्रीमियम ग्राहकों में कमी
iPhone Air₹30,000 अधिकमिड-रेंज मांग में गिरावट
iPhone 18 Pro₹30,000 अधिकअत्यधिक प्रीमियम सेगमेंट तक सीमित

काउंटरपॉइंट के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने बताया कि आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन बाजार को नीचे ला सकता है। हालांकि एप्पल के प्रीमियम सेगमेंट में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन मध्यम वर्ग के ग्राहक अब पुराने मॉडल्स या रिफर्बिश्ड फोन को प्राथमिकता दे सकते हैं।

Did You Know?: भारत में आईफोन की कीमतें अमेरिका और दुबई की तुलना में काफी अधिक हैं, जिसका मुख्य कारण उच्च आयात शुल्क और स्थानीय विनिर्माण की कमी है।

Frequently Asked Questions

1. क्या एप्पल के नए आईफोन की कीमतों में वृद्धि का कारण क्या है?
मुख्य कारणों में उच्च आयात शुल्क, जीएसटी, और रुपये की कमजोरी शामिल है।

2. क्या इस वृद्धि से एंड्रॉयड फोन भी महंगे हो जाएंगे?
हाँ, बाजार के रुझान बताते हैं कि एंड्रॉयड निर्माता भी अपनी कीमतों में वृद्धि कर रहे हैं।