तमिलनाडु सरकार ने तिरुचि के पास कावेरी नदी पर स्थित मुक्कोम्बू बैराज (अपर अनीकट) के क्षतिग्रस्त एप्रन की मरम्मत के लिए ₹126 करोड़ की मंजूरी दी है। यह परियोजना डेल्टा क्षेत्र के लाखों एकड़ कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

  • मुक्कोम्बू बैराज के एप्रन की मरम्मत के लिए ₹126 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • 2021 के भारी मानसून के दौरान एप्रन को गंभीर क्षति हुई थी।
  • यह बैराज लगभग 12 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए जीवन रेखा है।
  • मरम्मत कार्य से बैराज की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

तमिलनाडु के जल संसाधन विभाग (WRD) ने तिरुचि के पास कावेरी नदी पर स्थित प्रसिद्ध मुक्कोम्बू बैराज (जिसे अपर अनीकट भी कहा जाता है) के डाउनस्ट्रीम हिस्से में क्षतिग्रस्त एप्रन के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने विधानसभा में चर्चा के दौरान इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए ₹126 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।

विदित हो कि इस बैराज के नीचे स्थित कंक्रीट का फर्श और बड़े पत्थर (boulders) पिछले कुछ वर्षों से काफी खराब स्थिति में थे। 2021 के मानसून के दौरान, जब बैराज से लगातार 100 दिनों से अधिक समय तक पानी का भारी डिस्चार्ज किया गया था, तब इस एप्रन को व्यापक क्षति पहुँची थी। कुछ कंक्रीट के बड़े टुकड़े नदी के तल में धंस गए थे, जिससे संरचना की मजबूती पर खतरा मंडरा रहा था।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि एप्रन केवल एक संरचना नहीं है, बल्कि यह नदी के बहाव के दौरान 'स्कोरिंग' (मिट्टी का कटाव) को रोकने के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है। यदि एप्रन सुरक्षित नहीं रहता, तो नदी का तेज बहाव बैराज की नींव को कमजोर कर सकता था, जिससे पूरी संरचना के ढहने का खतरा था।

एप्रन का नवीनीकरण न केवल बैराज की उम्र बढ़ाएगा, बल्कि यह डेल्टा क्षेत्र के लाखों किसानों की आजीविका की सुरक्षा भी करेगा।

कावेरी और कोल्लिडम बैराजों का प्रबंधन जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। मुक्कोम्बू बैराज से ही अतिरिक्त पानी को कोल्लिडम नदी की ओर मोड़ा जाता है। 2018 में कोल्लिडम बैराज के एक हिस्से के टूटने की घटना ने स्थानीय किसानों के बीच भारी चिंता पैदा कर दी थी, जिससे अब इस मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मुक्कोम्बू बैराज को 1977 में चालू किया गया था। इसे अधिकतम 1,80,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह बैराज कावेरी डेल्टा क्षेत्र के लगभग 12 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि को सिंचाई प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

क्या आप जानते हैं?: मुक्कोम्बू बैराज को 'अपर अनीकट' के नाम से भी जाना जाता है, जो कावेरी नदी के जल प्रबंधन का मुख्य केंद्र है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: एप्रन की मरम्मत क्यों आवश्यक है?
उत्तर: एप्रन नदी के तल के कटाव को रोकता है, जो बैराज की संरचनात्मक स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।

प्रश्न 2: इस परियोजना के लिए बजट कितना है?
उत्तर: राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए ₹126 करोड़ की राशि मंजूर की है।