दिल्ली और हरियाणा 30 % यमुना जल हानि को कम करने के लिए संयुक्त सर्वेक्षण, 1,000 cusec नई पाइपलाइन और यमुना में झाग व प्रदूषण घटाने की छह‑बिंदु योजना शुरू कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु

  • दिल्ली को 30 % हानि के बाद केवल 230 cusecs मिलते हैं।
  • 1,000 cusec नई पाइपलाइन के लिए संयुक्त सर्वेक्षण की योजना बनी है।
  • यमुना में झाग और प्रदूषण को घटाने के लिए छह बिंदु वाली कार्ययोजना तैयार है।

हरियाणा मौनक नहर के माध्यम से प्रतिदिन 330 cusecs पीने योग्य पानी प्रदान करता है, लेकिन 30 % हानि के कारण दिल्ली को केवल 230 cusecs प्राप्त होते हैं, अधिकारी बताते हैं।

इस लगातार रिसाव को रोकने के लिए दिल्ली जल बोर्ड और हरियाणा सिंचाई विभाग ने दिल्ली सब‑ब्रांच (DSB) नहर की मरम्मत और लाइनिंग पर तीन बैठकें की हैं, जो हरियाणा में उत्पन्न होकर राजधानी तक पानी ले जाती है।

परामीटरमात्रा (cusecs)
हरियाणा द्वारा जारी किया गया पानी330
दिल्ली द्वारा प्राप्त पानी230

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के मुख्य सचिव ने हरियाणा के मुख्य सचिव को 1,000 cusec नई पाइपलाइन की संभावनाओं को जानने हेतु संयुक्त सर्वेक्षण का प्रस्ताव भेजा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यदि जल हानि को कम किया जाए तो दिल्ली को अतिरिक्त 100 cusecs मिल सकते हैं, जिससे राजधानी की जल‑बुनियादी ढाँचा और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों में सुधार होगा।

“नहर की लाइनिंग और आधुनिक निगरानी में निवेश करने से दो साल में हानि में 20 % तक की कमी आ सकती है,” जल‑संसाधन विशेषज्ञ डॉ अमित शर्मा कहते हैं।
क्या आप जानते हैं?: यमुना में झाग समस्या घर‑घर के डिटर्जेंट के सरफेक्टेंट्स के कारण बढ़ती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नई पाइपलाइन का अनुमानित समय‑सीमा क्या है?
उत्तर: विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो रही है, और 2027 की शुरुआत में निर्माण शुरू होने की संभावना है।

प्रश्न 2: छह‑बिंदु योजना यमुना में झाग को कैसे कम करेगी?
उत्तर: ओखला बैरेज का पुनः डिज़ाइन, कचरा हटाना और जलजंतु हटाना जैसी उपायों से जैविक लोड और सतह तनाव घटाया जाएगा।