NEET पेपर लीक के बाद छात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शन में पुलिस द्वारा कथित बर्बरता के खिलाफ दो याचिकाओं की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में होगी। न्यायालय ने 24 जुलाई को सुनवाई की स्वीकृति दी थी।

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मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट दो अलग‑अलग याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा।
  • जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 24 जुलाई को सुनवाई को मंजूरी दी।
  • NEET पेपर लीक के विरोध में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आँसू गैस के प्रयोग को चुनौती दी जा रही है।

नई दिल्ली – 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दो याचिकाओं की सुनवाई के लिए कार्यवाही शुरू की, जिनमें छात्रों पर पुलिस के अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर शिकायतें शामिल हैं। यह याचिकाएं मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने प्रस्तुत की गईं, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं।

पृष्ठभूमि में, 20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित मार्च के दौरान छात्रों और सुरक्षा बलों के बीच तीव्र टकराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज और आँसू गैस का प्रयोग किया, जिससे कई छात्रों को चोटें आईं। इस घटना के बाद छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र परमेश्वर प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

24 जुलाई को CJI की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन याचिकाओं पर सुनवाई को मंजूरी दी, और वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने इस मामले को तत्काल सुनवाई का विषय कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग का मुद्दा देश भर में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान देखी गई हिंसा से जुड़ा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस सुनवाई का परिणाम न केवल NEET परीक्षा के भविष्य को बल्कि भारत में सार्वजनिक प्रदर्शन और पुलिस जवाबदेही के मानकों को भी आकार देगा। यदि न्यायालय पुलिस बर्बरता को रोकने के लिए कड़े आदेश देता है, तो यह भविष्य में समान मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित कर सकता है।

"पुलिस की बर्बरता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सफलता लोकतंत्र की ताकत को प्रमाणित करती है," वरिष्ठ वकील अजय सिंह ने कहा।
Did You Know?: 2020 में भी NEET पेपर लीक के बाद समान प्रोटेस्ट हुए थे, लेकिन उस बार कोई उच्च न्यायालय ने सीधे पुलिस के कार्यों की जांच नहीं की।

Frequently Asked Questions

Q1: सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई का संभावित परिणाम क्या हो सकता है?

A: यदि कोर्ट पुलिस बर्बरता को मान्य नहीं पाता, तो यह आदेश दे सकता है कि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

Q2: क्या इस सुनवाई से NEET परीक्षा के परिणामों पर कोई असर पड़ेगा?

A: वर्तमान में परीक्षा प्रक्रिया पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं दिख रहा, लेकिन यदि कोर्ट ने लीक की जांच आदेशित की तो परीक्षा सुरक्षा उपायों में बदलाव आ सकते हैं।