तेलंगाना पुलिस ने एक पोल्ट्री फार्म के भीतर चल रही अवैध अल्प्रजोलाम (Alprazolam) निर्माण प्रयोगशाला का पर्दाफाश किया है। जमानत पर बाहर आए एक अपराधी ने महज दो महीने के भीतर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों का उत्पादन फिर से शुरू कर दिया था।
मुख्य बातें
- तेलंगाना की EAGLE फोर्स ने हैदराबाद के पास एक पोल्ट्री फार्म में अवैध ड्रग लैब पकड़ी।
- मुख्य आरोपी मलेला जया प्रकाश गौड़, जो पहले भी गिरफ्तार हो चुका था, जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से सक्रिय हुआ।
- पुलिस ने 20.30 लाख रुपये मूल्य का अल्प्रजोलाम और भारी मात्रा में रासायनिक उपकरण जब्त किए।
- ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायनों की आपूर्ति करने वाले एक विक्रेता को भी गिरफ्तार किया गया है।
तेलंगाना के महाबूबनगर जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए एक पोल्ट्री फार्म को अवैध रासायनिक प्रयोगशाला में तब्दील होते हुए पकड़ा है। यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, क्योंकि आरोपी ने 'ब्रेकिंग बैड' वेब सीरीज की तरह अपनी लैब को छिपाने के लिए पोल्ट्री फार्म का इस्तेमाल किया। EAGLE फोर्स ने इस छापेमारी में मुख्य मास्टरमाइंड मलेला जया प्रकाश गौड़ सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
अपराध की कार्यप्रणाली
जांच में पता चला कि 39 वर्षीय मलेला जया प्रकाश गौड़, जिसे सितंबर 2025 में बोवेनपल्ली के मेधा स्कूल में अल्प्रजोलाम बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, मार्च 2026 में जमानत पर बाहर आया था। जमानत की शर्तों के बावजूद, उसने हार नहीं मानी और महज दो महीने के भीतर अन्नसागर गांव के पास एक पोल्ट्री फार्म को किराए पर लेकर वहां 18 अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर नशीले पदार्थों का निर्माण शुरू कर दिया।
यह मामला दर्शाता है कि कैसे अपराधी कानून की निगरानी से बचने के लिए कृषि क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों का उपयोग ढाल के रूप में करते हैं।
BozokMedia विश्लेषण: क्यों मायने रखता है यह मामला?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक चुनौती है, बल्कि यह रसायनों की आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) में मौजूद गंभीर खामियों को भी उजागर करती है। अपराधी न केवल अवैध उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि वे वैध औद्योगिक रसायनों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
पुलिस ने मौके से 1.15 किलोग्राम तैयार अल्प्रजोलाम जब्त किया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग ₹20.30 लाख आंकी गई है। इसके अलावा, रसायनों की आपूर्ति करने वाले प्रिंस साइंटिफिक फार्मा के मिर्जा नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है, जो अल्प्रजोलाम के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण प्रीकर्सर (precursor) बेच रहा था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण के मामले अक्सर औद्योगिक रसायनों की अनियंत्रित बिक्री से जुड़े होते हैं। हाल के वर्षों में, MDMA और मेफेड्रोन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के उत्पादन के लिए रसायनों के अवैध मार्ग को रोकने के लिए NDPS अधिनियम के तहत कड़े कदम उठाए गए हैं।
Frequently Asked Questions
1. आरोपी को कौन से कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है?
आरोपी को NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है और पुलिस उन पर PIT-NDPS कानून के तहत कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।
2. पुलिस ने क्या बरामद किया है?
पुलिस ने ₹20.30 लाख का नशीला पदार्थ, रासायनिक उपकरण और विभिन्न प्रीकर्सर रसायनों को जब्त किया है।