तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक हृदयविदारक घटना घटी, जहाँ एक महिला और उसकी बेटी अपने बेटे को डूबने से बचाने के प्रयास में एक अस्थायी जल टैंक में समा गईं।

  • कोयंबटूर के करमदई के पास एक कृषि खेत में यह दुखद हादसा हुआ।
  • एक 50 वर्षीय महिला और 35 वर्षीय बेटी की डूबने से मृत्यु हो गई।
  • हादसा तब हुआ जब वे अपने बेटे को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
  • 30 वर्षीय बेटा सुरक्षित बचा लिया गया और अस्पताल में भर्ती है।

तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के करमदई के पास एक हृदयविदारक दुर्घटना में एक 50 वर्षीय महिला और उसकी 35 वर्षीय बेटी की जान चली गई। यह दुखद घटना शुक्रवार को एक कृषि खेत में बने अस्थायी जल भंडारण गड्ढे में हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब परिवार के सदस्य अपने एक सदस्य को डूबने से बचाने के लिए पानी में कूदे।

मृतकों की पहचान अथिमथैयानूर निवासी एस. राजमणि और उनकी बेटी विग्नेशवरी के रूप में की गई है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, राजमणि अपने खेत में टमाटर की कटाई कर रही थीं। उनके साथ उनकी बेटी विग्नेशवरी, जो चेन्नई में रहती है, और उनका बेटा एस. सरवनकुमार (30) भी मौजूद थे।

हादसे का क्रम

परिवार ने खेत में एक गड्ढा खोदकर उसमें तिरपाल बिछाकर पानी का एक अस्थायी टैंक बनाया था, जिसकी गहराई लगभग 12 फीट और चौड़ाई 30 फीट थी। दोपहर करीब 2 बजे, सरवनकुमार नहाने के लिए टैंक में उतरे, तभी उन्हें सांस लेने में कठिनाई होने लगी। जब उन्होंने मदद के लिए पुकारा, तो राजमणि ने उन्हें बचाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन वे खुद फिसलकर टैंक में गिर गईं। अपनी मां और भाई को संघर्ष करते देख, विग्नेशवरी ने उन्हें बचाने की कोशिश की और वह भी टैंक में गिर गईं।

कृषि क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले असुरक्षित और अस्थायी जल संरचनाएं अक्सर ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनती हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की कमी एक गंभीर चिंता का विषय है। अस्थायी रूप से बनाए गए गहरे गड्ढे और बिना घेराबंदी वाले टैंक अक्सर अनजाने में जानलेवा साबित होते हैं, विशेष रूप से तब जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे को बचाने की कोशिश करते हैं।

घटना के चश्मदीद, विग्नेशवरी की बड़ी बेटी ने तुरंत चेन्नई में अपने पिता को फोन किया और पुलिस व 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया। पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान भी शोर सुनकर मौके पर पहुंचे। पुलिस और अग्निशमन सेवा के कर्मियों ने टैंक से तीनों को बाहर निकाला, लेकिन राजमणि और विग्नेशवरी को बचाया नहीं जा सका।

Did You Know?: कृषि क्षेत्रों में बनाए गए अस्थायी टैंकों में अक्सर मिट्टी के कटाव के कारण गहराई अचानक बढ़ सकती है, जो डूबने का मुख्य कारण बनती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यह दुर्घटना कहाँ हुई?

उत्तर: यह दुर्घटना तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के करमदई के पास एक कृषि खेत में हुई।

प्रश्न 2: क्या कोई जीवित बचा?

उत्तर: हाँ, 30 वर्षीय सरवनकुमार को सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें मेट्टुपलायम सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।