पश्चिम बंगाल पुलिस एसटीएफ ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें संदिग्ध आतंकवादी हमिम मोंडल और उसकी साथी अर्पिता सरकार पर दिल्ली के जंतर मंतर में अशांति फैलाने की योजना बनाने का आरोप है।
मुख्य बातें
- पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने संदिग्ध आतंकी हमिम मोंडल की प्रेमिका अर्पिता सरकार को झारखंड से गिरफ्तार किया।
- साजिश के तहत पुलिस की वर्दी खरीदकर दिल्ली के जंतर मंतर में हंगामा करने की योजना थी।
- जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडल और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के माध्यम से निर्देश मिलने का खुलासा हुआ है।
- अर्पिता पर हनी-ट्रैप नेटवर्क के जरिए राजनेताओं को निशाना बनाने का भी संदेह है।
कोलकाता/बर्धमान: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बेहद गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने शनिवार को संदिग्ध आतंकवादी ह मिमी मोंडल की कथित प्रेमिका, अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह जोड़ा दिल्ली के जंतर मंतर पर हाल ही में हो रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान अशांति और हिंसा फैलाने की साजिश रच रहा था।
एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि हमिम को पाकिस्तान के सोशल मीडिया हैंडल और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से निर्देश मिल रहे थे। साजिश के चौंकाने वाले विवरणों के अनुसार, उसे निर्देश दिए गए थे कि वह पुरुषों और महिलाओं के एक समूह के साथ पुलिस की वर्दी खरीदे और दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे ताकि वहां अराजकता पैदा की जा सके। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वे इस योजना को अंजाम देने के लिए दिल्ली तक पहुंच पाए थे।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक स्थानीय अपराध नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित सीमा पार साजिश है। संदिग्धों ने व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सेशन जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का उपयोग किया ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। यह मामला दर्शाता है कि कैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके भारत के महत्वपूर्ण राजनीतिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।
डिजिटल फुटप्रिंट्स और एन्क्रिप्टेड चैट ने इस अंतरराष्ट्रीय साजिश के पैटर्न को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि अर्पिता सरकार पर एक 'हनी-ट्रैप' नेटवर्क चलाने का संदेह है, जिसका उद्देश्य प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों को निशाना बनाना था। पुलिस को उनके इंस्टाग्राम चैट से महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। संदिग्धों के नेटवर्क में 'Abir Jat333', 'Uzair', 'Rana' और 'Hamad' जैसे पाकिस्तानी हैंडल शामिल हैं, जो कथित तौर पर पाकिस्तान के शाहजाद भट्टी गैंग से जुड़े हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सीमा पार से संचालित होने वाले ऐसे मॉड्यूल अक्सर सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को निशाना बनाते हैं और उन्हें कट्टरपंथी बनाने के लिए 'ब्रेनवॉशिंग' का सहारा लेते हैं। पिछले कुछ वर्षों में, डिजिटल इंटेलिजेंस और एन्क्रिप्टेड संचार के बढ़ते उपयोग ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियां पेश की हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. जंतर मंतर पर क्या साजिश रची जा रही थी?
संदिग्धों की योजना पुलिस की वर्दी पहनकर भीड़ में शामिल होने और वहां विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा या अराजकता फैलाने की थी।
2. अर्पिता सरकार की भूमिका क्या थी?
अर्पिता पर हमिम मोंडल की मदद करने, प्रभावशाली लोगों के संपर्क बनाने और डिजिटल माध्यमों से सूचनाएं साझा करने का आरोप है।