एक वर्गीकृत सीबीएसए रिपोर्ट ने बताया कि भारत-आधारित लॉरेंस बिशनोई गैंग ने कनाडा में छात्र वीज़ा और कार्य परमिट वाले युवाओं को अपने आपराधिक नेटवर्क के लिए उपयोग किया। इस खुलासे से अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यक्रम की सुरक्षा में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।

मुख्य बिंदु

  • बिशनोई गैंग ने भारतीय छात्रों के वीज़ा का दुरुपयोग किया।
  • 2016‑2024 में भारतीय स्टडी परमिट धारकों के खिलाफ अपराध 8,800% बढ़े।
  • सीबीएसए ने 2025 में ‘टैक्टिकल गाइड’ जारी किया।

परिचय

कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (सीबीएसए) की एक वर्गीकृत खुफिया रिपोर्ट ने उजागर किया कि लॉरेंस बिशनोई गैंग ने छात्र वीज़ा और कार्य परमिट पर आए भारतीय युवा छात्रों को अपने आपराधिक संचालन के मुख्य हथियार बना लिया। इस रिपोर्ट को ग्लोबल न्यूज़ के पत्रकार स्टीवर्ट बेल ने 5 अगस्त को सार्वजनिक किया।

गैंग का विस्तार और गोल्डी बर

गोल्डी बर (सतिंदरजीत सिंह), बिशनोई गैंग के प्रमुख लिफ्टेनेंट, 2017 में थॉम्पसन रिवर्स यूनिवर्सिटी, कैंलूप्स में पढ़ाई के बहाने कनाडा पहुंचे। हालांकि, विश्वविद्यालय में उनकी उपस्थिति स्पष्ट नहीं है; बल्कि वह गैंग के कैनेडियन फ्रैंचाइज़ को विस्तारित करने में संलग्न रहे, जिसमें उच्च प्रोफ़ाइल हत्याएँ और दक्षिण एशियाई समुदायों पर जबरन वसूली शामिल है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले दशक में भारत से कनाडा में अध्ययन करने वाले छात्रों की संख्या में तीव्र वृद्धि हुई, जिससे 2020‑2022 में वीज़ा जारी करने में रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच गया। इस बढ़ोतरी ने सुरक्षा निकायों के लिए नई चुनौतियाँ पेश कीं, क्योंकि कई छात्रों को आपराधिक संगठनों द्वारा आकर्षित किया गया।

कनाडा की प्रतिक्रिया

सितंबर 2025 में बिशनोई गैंग को आतंकवादी इकाई घोषित किया गया, जिससे संपत्ति जप्त करने और मुकदमों की शक्ति बढ़ी। सीबीएसए ने 2025 में एक ‘टैक्टिकल गाइड’ जारी किया, जिसमें छात्र वीज़ा धारकों को अपराध में शामिल होते देखे जाने पर विशेष सतर्कता की सलाह दी गई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the exploitation of student visa pathways by organized crime not only threatens public safety but also tarnishes Canada’s reputation as a welcoming destination for international scholars.

"विद्यार्थी वीज़ा का दुरुपयोग एक वैश्विक जोखिम है, जिसे तुरंत कड़ी निगरानी की जरूरत है," कहा सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने।
Did You Know?: 2024 में भारतीय छात्रों के खिलाफ आरोप 47% बढ़े, जबकि कुल आपराधिक दर 10% घट गई।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: बिशनोई गैंग ने कनाडा के छात्र वीज़ा सिस्टम में कैसे घुसपैठ की?

उत्तर: उन्होंने वैध छात्र वीज़ा के माध्यम से प्रवेश किया, फिर नेटवर्क को व्यवस्थित रूप से अपराध में परिवर्तित किया, जिसमें जबरन वसूली और हत्याएँ शामिल थीं।

प्रश्न 2: कनाडा अब इस दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठा रहा है?

उत्तर: सरकार ने वीज़ा जारी करने में कड़े मानदंड लागू किए, आवास और धोखाधड़ी नियंत्रण को सुदृढ़ किया, और आपराधिक निगरानी को बढ़ाया है।