हैदराबाद पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो घर में कलर प्रिंटर की मदद से 100, 200 और 500 के नकली नोट छाप रहा था। आरोपियों ने सोशल मीडिया वीडियो देखकर यह अवैध काम सीखा था।
- हैदराबाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 1,124 नकली नोट बरामद किए।
- आरोपियों ने YouTube और Instagram के वीडियो देखकर नकली नोट बनाने की तकनीक सीखी।
- नकली नोटों को शराब की दुकानों और सब्जी बाजारों में चलाने की कोशिश की जा रही थी।
- बरामदगी में कलर प्रिंटर, स्कैनर, लैमिनेटर और वॉटरमार्क पेपर शामिल हैं।
हैदराबाद, तेलंगाना: पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा करते हुए एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो अपने घर को ही नकली नोटों की प्रिंटिंग प्रेस में बदल चुका था। शमशाबाद जोन टास्क फोर्स और बालापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से भारी मात्रा में जाली मुद्रा बरामद की गई है।
जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा अवैध कारोबार बेहद आधुनिक लेकिन सरल उपकरणों के माध्यम से चलाया जा रहा था। आरोपियों के पास से Epson L6460 कलर प्रिंटर, स्कैनर, लैमिनेटर और पेपर कटर जैसे उपकरण मिले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 100, 200 और 500 रुपये के नकली नोट तैयार करने का तरीका YouTube और Instagram पर उपलब्ध वीडियो से सीखा था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग अब गंभीर अपराधों को बढ़ावा दे रहा है। सोशल मीडिया पर उपलब्ध ट्यूटोरियल वीडियो न केवल मनोरंजन के लिए हैं, बल्कि अपराधी इनका उपयोग जटिल अपराध करने के लिए भी कर रहे हैं। यह मामला दर्शाता है कि कैसे साधारण दिखने वाले घरेलू उपकरण बड़े आर्थिक अपराधों का हथियार बन सकते हैं।
सोशल मीडिया पर उपलब्ध 'हाउ-टू' वीडियो अब अपराधियों के लिए प्रशिक्षण मैनुअल बनते जा रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में कुल 1,124 नकली नोट जब्त किए गए हैं, जिनकी फेस वैल्यू लगभग ₹2.91 लाख है। आरोपियों की पहचान रामावत रामू (Zomato डिलीवरी वर्कर), रामावत मोतीलाल (Rapido ड्राइवर) और रामावत गांधी (ऑटो ड्राइवर) के रूप में हुई है। ये तीनों तेलंगाना के चिंतल थांडा के निवासी हैं।
अपराध करने का तरीका भी काफी शातिर था। गिरोह के सदस्य रात के अंधेरे में इन नकली नोटों को स्थानीय शराब की दुकानों और सब्जी बाजारों में चलाने की कोशिश करते थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुछ असली नोट भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग वे नकली नोटों की बनावट और रंग को मिलाने के लिए 'रेफरेंस' के रूप में कर रहे थे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पुलिस ने गिरोह से क्या-क्या सामान बरामद किया है?
उत्तर: पुलिस ने कलर प्रिंटर, स्कैनर, लैमिनेटर, पेपर कटर, वॉटरमार्क पेपर और रंगीन तरल पदार्थ बरामद किए हैं।
प्रश्न 2: आरोपी इन नकली नोटों का उपयोग कहाँ करते थे?
उत्तर: आरोपी मुख्य रूप से रात के समय शराब की दुकानों और सब्जी बाजारों में इन नोटों को चलाने की कोशिश करते थे।