हैदराबाद की ईगल फोर्स ने एक ऑटो-रिक्शा के खोखले किए गए स्पीकर से 6 किलो गांजा बरामद किया है। इस तस्करी नेटवर्क में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका संबंध नागपुर के एक सप्लायर से था।

  • ऑटो-रिक्शा के स्पीकर में छिपाकर लाया गया 6 किलो गांजा जब्त, कीमत ₹3 लाख।
  • मुख्य आरोपी सहित पांच लोग गिरफ्तार, जिनमें मजदूर और ड्राइवर शामिल हैं।
  • तस्करी का नेटवर्क नागपुर के ताजुद्दीन दरगाह से हैदराबाद तक फैला था।
  • नम्पल्ली रेलवे स्टेशन और पब्लिक गार्डन्स के आसपास के कमजोर वर्गों को बनाया जा रहा था निशाना।

सोमवार, 17 अगस्त को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ईगल फोर्स और पेट बशीरबाद पुलिस ने हैदराबाद के देवरयम्जल के पास एक ऑटो-रिक्शा (TG13 T 2464) को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस तब हैरान रह गई जब उन्हें वाहन के स्पीकर बॉक्स के अंदर 6 किलो गांजा मिला, जिसे बहुत चालाकी से छिपाया गया था।

इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है: मोहम्मद हामिद (30), मोहम्मद अब्बास (30), मोहम्मद मुस्तफा (25), इरफान खान (29) और सय्यद अफरोज (23)। गिरफ्तार आरोपियों में ऑटो ड्राइवर, इलेक्ट्रिशियन और पेट्रोल पंप कर्मचारी शामिल हैं, जो यह दर्शाता है कि तस्करी गिरोह ने आम कामकाजी लोगों को अपने जाल में फंसाया था।

नागपुर से जुड़ा तस्करी का जाल

पुलिस जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड मोहम्मद हामिद करीब तीन महीने पहले नागपुर की ताजुद्दीन दरगाह गया था, जहां उसकी मुलाकात सप्लायर शेख सादिक से हुई। शुरुआत में हामिद ने ₹36,000 में 2 किलो गांजा खरीदा और उसे छोटे पैकेटों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाया। इसी मुनाफे के लालच में उसने अपने चार अन्य साथियों को इस काम में शामिल किया।

15 अगस्त को यह समूह नागपुर गया, जहां हामिद ने सादिक को ₹1 लाख नकद देकर 6 किलो गांजा खरीदा। पकड़े जाने के डर से उन्होंने गांजे को ऑटो के स्पीकर बॉक्स के अंदर छिपाया और हैदराबाद की ओर रवाना हुए, जहां पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, वाहनों के पुर्जों (जैसे स्पीकर) का उपयोग तस्करी के लिए करना यह दर्शाता है कि अपराधी अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर नए और तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही, नम्पल्ली रेलवे स्टेशन और पब्लिक गार्डन्स जैसे इलाकों के गरीब और कमजोर लोगों को निशाना बनाना एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है।

"अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी के मामले अक्सर छोटे स्तर के मुनाफे से शुरू होते हैं, जो धीरे-धीरे एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का रूप ले लेते हैं।"

पुलिस के अनुसार, हामिद पहले भी 2024 में बंजारा हिल्स पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। फिलहाल मुख्य सप्लायर शेख सादिक फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

क्या आप जानते हैं?: ईगल फोर्स हैदराबाद की एक विशेष पुलिस इकाई है, जिसे शहर में अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के लिए तैनात किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: गांजे को वाहन में कैसे छिपाया गया था?
तस्करों ने ऑटो-रिक्शा में लगे स्पीकर बॉक्स को अंदर से खोखला कर दिया था, जिससे उसमें नशीले पदार्थों के पैकेट रखने के लिए जगह बन गई।

प्रश्न 2: इस गिरोह के मुख्य ग्राहक कौन थे?
यह गिरोह मुख्य रूप से नम्पल्ली और पब्लिक गार्डन्स के आसपास रहने वाले दिहाड़ी मजदूरों, ऑटो ड्राइवरों और कैटरर्स को निशाना बना रहा था।