तेलंगाना में लक्ष्मी इंडस्ट्रीज के दो प्रबंध भागीदारों को सरकारी कस्टम-मिल्ड चावल की डिलीवरी न करने और राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

  • ₹24.18 करोड़ मूल्य के सरकारी चावल के गबन के आरोप में दो राइस मिलर्स गिरफ्तार।
  • आरोपी सुल्तानबाद मंडल की लक्ष्मी इंडस्ट्रीज के प्रबंध भागीदार हैं।
  • यह धोखाधड़ी 2023-24 फसल वर्ष की मिलिंग प्रक्रिया के दौरान हुई।

कृषि धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, सुल्तानबाद पुलिस ने सोमवार को दो राइस मिलर्स को गिरफ्तार किया। इन पर सरकार के लिए निर्धारित कस्टम-मिल्ड राइस (CMR) को अवैध रूप से मोड़ने का आरोप है, जिससे राज्य के खजाने को लगभग ₹24.18 करोड़ का अनुमानित नुकसान हुआ है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान राजन्ना सिरसिला जिले के वल्लम्पतला गांव के निवासी रेणिकुंटा मधु (46) और आर. रविंदर रेड्डी (48) के रूप में हुई है। यह दोनों सुल्तानबाद मंडल के सुगलाम्पल्ली गांव में स्थित लक्ष्मी इंडस्ट्रीज के प्रबंध भागीदार थे।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों को 2023-24 फसल वर्ष के दौरान मिलिंग के लिए धान आवंटित किया गया था। हालांकि, खरीद समझौते के अनुसार संसाधित चावल सरकार को सौंपने के बजाय, उन्होंने कथित तौर पर इसे अवैध व्यावसायिक लाभ के लिए अन्यत्र बेच दिया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना सार्वजनिक वितरण और खरीद प्रणाली में एक गंभीर प्रणालीगत खामी को उजागर करती है। जब मिलर्स CMR को मोड़ते हैं, तो यह न केवल राज्य के बजट में एक बड़ा वित्तीय छेद करता है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की स्थिरता को भी खतरे में डालता है, जो लाखों कम आय वाले नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

"सरकारी आवंटित अनाज का डायवर्जन केवल एक वित्तीय अपराध नहीं है, बल्कि राज्य के खाद्य सुरक्षा बुनियादी ढांचे पर सीधा हमला है।"

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पेड्डपल्ली के पुलिस उपायुक्त बी. राम रेड्डी ने किया। सुल्तानबाद पुलिस स्टेशन पर मीडिया से बात करते हुए, डीसीपी रेड्डी ने जोर देकर कहा कि सरकारी संसाधनों के अवैध डायवर्जन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह गिरफ्तारी तेलंगाना राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (TGSCSCL) के जिला प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई विस्तृत जांच का परिणाम है। जांचकर्ताओं ने लक्ष्मी इंडस्ट्रीज के भागीदारों के खिलाफ मामला मजबूत करने के लिए धान की आवाजाही और गायब CMR आउटपुट पर हफ्तों तक नजर रखी।

क्या आप जानते हैं?: कस्टम मिल्ड राइस (CMR) सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिससे किसानों को उनके धान का उचित मूल्य मिले और राज्य कल्याण योजनाओं के लिए भंडार बनाए रखे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: कस्टम मिल्ड राइस (CMR) क्या है?
CMR वह चावल है जिसे निजी मिलर्स द्वारा सरकार की ओर से मिल किया जाता है, जहाँ सरकार कच्चा धान प्रदान करती है और मिलिंग शुल्क का भुगतान करती है।

प्रश्न 2: मिलर्स के खिलाफ शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
शिकायत तेलंगाना राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (TGSCSCL) के जिला प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई थी।