हैदराबाद पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस टीम ने ओडिशा से गांजा तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से ₹11.51 लाख मूल्य का प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया है।

  • ओडिशा के कोरापुट जिले से हैदराबाद तक फैला तस्करी नेटवर्क ध्वस्त।
  • 23.02 किलोग्राम गांजा जब्त, जिसकी अनुमानित कीमत ₹11.51 लाख है।
  • दो आरोपी गिरफ्तार, जबकि मुख्य सप्लायर 'कममू' अभी भी फरार है।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा-हैदराबाद गांजा सप्लाई चेन का पर्दाफाश किया है। एलबी नगर जोन की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) और नागोले पुलिस के संयुक्त समन्वय से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया, जिसमें दो अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों को दबोचा गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान त्रिनाथ निरिके (40) और सोना हुन्थल (28) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ओडिशा के कोरापुट जिले के निवासी और पेशे से ड्राइवर हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों वित्तीय तंगी के कारण इस अवैध कारोबार में शामिल हुए थे।

कार्रवाई का विवरण

11 अगस्त को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजे की एक बड़ी खेप हैदराबाद लाई जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, नागोले एक्स रोड के पास एक पेट्रोल पंप पर वाहनों की सघन चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध वाहनों को रोका गया, जिनकी तलाशी लेने पर भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

मलकाजगिरी पुलिस आयुक्त बी. सुमति ने बताया कि तस्करों ने गांजे को बहुत चतुराई से वाहनों की डिक्की में छिपा रखा था। टोयोटा इनोवा (AP 31 AJ3312) की डिक्की से चार पैकेट और महिंद्रा XUV 300 (OD 05 AX 5899) से दो पैकेट बरामद किए गए।

"अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट अब छोटे ड्राइवरों का उपयोग कर रहे हैं ताकि मुख्य सरगना सुरक्षित रह सकें, जो कानून प्रवर्तन के लिए एक नई चुनौती है।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ओडिशा के कोरापुट जैसे क्षेत्र गांजे की खेती के लिए जाने जाते हैं, और हैदराबाद जैसे महानगरों में इसकी बढ़ती मांग ने एक संगठित तस्करी मार्ग बना दिया है। यह घटना दर्शाती है कि आर्थिक संकट युवाओं और निम्न-आय वर्ग के लोगों को संगठित अपराध की ओर धकेल रहा है।

पुलिस अब फरार मुख्य सप्लायर कममू की तलाश कर रही है, जिसने इन ड्राइवरों को तस्करी के लिए निर्देशित किया था। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हैदराबाद में इस खेप को किन ग्राहकों को बेचा जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

क्या आप जानते हैं?: भारत में गांजे (Marijuana) का व्यावसायिक उत्पादन और तस्करी NDPS अधिनियम, 1985 के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है।

बरामदगी का विवरण

वाहनबरामद पैकेटकुल वजनअनुमानित मूल्य
टोयोटा इनोवा4 पैकेट23.02 किग्रा₹11.51 लाख
महिंद्रा XUV 3002 पैकेट

Frequently Asked Questions

1. इस मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य सप्लायर 'कममू' है, जो फिलहाल फरार है और जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

2. आरोपियों ने तस्करी क्यों की?
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गंभीर वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसके कारण उन्होंने इस अवैध कार्य को अंजाम दिया।