उत्तर बेंगलुरु में एक 38 वर्षीय व्यक्ति और उसके 4 साल के बेटे का शव उनके घर में मिला। संघर्ष के निशान और बंद सीसीटीवी कैमरों ने पुलिस का शक पत्नी की ओर मोड़ दिया है।

  • चिक्काबनवर क्षेत्र में 38 वर्षीय अभिनंदन और 4 वर्षीय यदुवीर गौड़ा मृत पाए गए।
  • शरीर पर चोट के निशान और संघर्ष के संकेत दम घुटने से मौत की ओर इशारा करते हैं।
  • घर का सीसीटीवी काम नहीं कर रहा था; पत्नी के बयानों में विरोधाभास मिला है।

उत्तर बेंगलुरु के निवासियों को झकझोर देने वाली एक घटना में, 38 वर्षीय निजी कर्मचारी अभिनंदन और उनके चार साल के बेटे यदुवीर गौड़ा की उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार सुबह जब पत्नी हरिणी ने पड़ोसियों को इस घटना की जानकारी दी, तब मामला सामने आया।

पुलिस उपायुक्त डी एल नागेश ने बताया कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि अभिनंदन और उनके बेटे की मौत दम घुटने के कारण हुई होगी, क्योंकि शवों पर संघर्ष के निशान पाए गए हैं। पुलिस को कॉरिडोर में लाल रंग के धब्बे मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि पुष्टि हो सके कि वह खून है या नहीं। सबसे संदिग्ध बात यह है कि घर में लगा सीसीटीवी कैमरा उस समय काम नहीं कर रहा था।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मामला घरेलू कलह के उस भयावह रूप को दर्शाता है जो अचानक हिंसक हो जाता है। अपराध के समय सीसीटीवी का खराब होना अक्सर पूर्व-नियोजित अपराधों का संकेत होता है। साथ ही, मुख्य गवाह (पत्नी) द्वारा बार-बार बयान बदलना जांच टीम के संदेह को और गहरा करता है।

"शारीरिक चोट के निशान और निगरानी प्रणाली की विफलता स्पष्ट रूप से यह संकेत देते हैं कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश हो सकती है।"

जांच के दौरान परिवार के भीतर गहरे विवाद की बात सामने आई है। मृतक के रिश्तेदारों का आरोप है कि दंपत्ति के बीच अक्सर झगड़े होते थे और हरिणी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध था। दूसरी ओर, हरिणी के परिवार ने आरोप लगाया कि अभिनंदन मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और उनका भी अन्य महिला के साथ संबंध था।

घटनाक्रम के अनुसार, रविवार को यह परिवार हरिणी के मायके गया था और रात के खाने के बाद वापस लौटा। इसके कुछ ही समय बाद यह त्रासदी हुई। अभिनंदन की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

क्या आप जानते हैं?: फॉरेंसिक जांच में, गर्दन और अंगों पर 'ब्रूइज़ मार्क्स' (नीले निशान) यह तय करने में मदद करते हैं कि मौत स्वाभाविक थी या किसी बाहरी दबाव (दम घुटने) के कारण हुई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु डबल डेथ केस में मुख्य संदिग्ध कौन है?
पुलिस फिलहाल पत्नी हरिणी पर संदेह कर रही है क्योंकि उनके बयानों में बदलाव देखा गया है।

पुलिस वर्तमान में किन सबूतों की जांच कर रही है?
पुलिस शरीर पर चोट के निशानों और कॉरिडोर में मिले लाल धब्बों की फॉरेंसिक जांच कर रही है।