सीबीआई ने आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में हुई एक घातक खनन दुर्घटना की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में DGMS के उप निदेशक और दो अन्य को गिरफ्तार किया है।
- DGMS के उप निदेशक यू. शिव शंकर सहित तीन लोग गिरफ्तार।
- आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में हुई खनन दुर्घटना की रिपोर्ट को प्रभावित करने के लिए रिश्वत ली गई थी।
- CBI ने जाल बिछाकर ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने एक बड़े भ्रष्टाचार मामले का पर्दाफाश करते हुए हैदराबाद क्षेत्र के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ माइन्स सेफ्टी (DGMS) के उप निदेशक (खनन) सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में हुई एक भीषण खनन दुर्घटना की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने के लिए रिश्वत मांगे जाने के मामले में की गई है।
मामले का विवरण
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में DGMS हैदराबाद-III क्षेत्र के उप निदेशक यू. शिव शंकर, वासावी ग्रेनाइट्स के प्रतिनिधि सिद्दा वेंकट सुरेश कुमार और लॉटस एनवायरो माइनिंग सर्विसेज के प्रोपराइटर ए. सुभास्कर रेड्डी शामिल हैं। सीबीआई के अनुसार, यह मामला 25 जून को प्रकाशम जिले की एक खदान में हुई एक घातक दुर्घटना से जुड़ा है।
जांच में पाया गया कि खनन प्रतिष्ठान के मालिकों को बचाने के लिए एक अनुकूल जांच रिपोर्ट तैयार करने के बदले में रिश्वत का सौदा किया गया था। आरोपी सुभास्कर रेड्डी ने मध्यस्थ के रूप में कार्य किया, जिसने पहले उप निदेशक को ₹1 लाख की रिश्वत दी थी।
CBI का जाल और गिरफ्तारी
सोमवार को, जब आरोपी ₹2 लाख की अतिरिक्त रिश्वत ले रहे थे, तब सीबीआई ने ओंगोल में एक जाल बिछाया। BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सीबीआई ने शिव शंकर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा और राशि बरामद कर ली।
खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के साथ समझौता करना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह मानव जीवन के साथ भी खिलवाड़ है।
वर्तमान में, सीबीआई ओंगोल, कडपा और हैदराबाद में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। आरोपियों को विजयवाड़ा की अदालत में पेश किया जाएगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में खनन क्षेत्र में सुरक्षा नियमों की निगरानी के लिए DGMS एक महत्वपूर्ण संस्था है। पिछले कुछ वर्षों में, खनन दुर्घटनाओं की जांच में भ्रष्टाचार के मामले सामने आने से सुरक्षा प्रोटोकॉल की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. गिरफ्तार किए गए मुख्य अधिकारी कौन हैं?
मुख्य आरोपी यू. शिव शंकर हैं, जो DGMS हैदराबाद-III क्षेत्र में उप निदेशक (खनन) के पद पर तैनात थे।
2. रिश्वत किस बात के लिए मांगी जा रही थी?
रिश्वत का उद्देश्य प्रकाशम जिले में हुई एक घातक दुर्घटना की जांच रिपोर्ट को अनुकूल बनाना था ताकि खदान मालिकों को दंड से बचाया जा सके।