पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक के कलबुर्गी में पूर्व KPSC अध्यक्ष और एक सामाजिक कल्याण अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की है।

  • ED ने कलबुर्गी में पूर्व KPSC अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहू और सामाजिक कल्याण विभाग की अधिकारी विजयलक्ष्मी कोबालकर के ठिकानों पर तलाशी ली।
  • यह कार्रवाई 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी है।
  • कर्नाटक के 13 अलग-अलग स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

कर्नाटक में सरकारी नौकरियों की भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को कलबुर्गी में एक बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने पूर्व कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहू के दो आवासों और शाहपुर सामाजिक कल्याण विभाग की सहायक निदेशक विजयलक्ष्मी कोबालकर के निवास पर तलाशी ली।

यह छापेमारी पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में हुई गंभीर अनियमितताओं की जांच के दायरे में है। सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन केवल कलबुर्गी तक सीमित नहीं था, बल्कि कर्नाटक के 13 विभिन्न स्थानों पर एक साथ व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। ED की टीम मुख्य रूप से उन वित्तीय लेन-देन और साक्ष्यों की तलाश कर रही है, जो 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में शामिल कथित घोटाले से जुड़े हैं।

भर्ती घोटाले का मुख्य विवरण

इस मामले की जड़ में 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया है, जिसमें प्रश्नपत्र लीक होने, OMR शीट में हेरफेर करने और अवैध रूप से धन की मांग करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) पहले से ही इस मामले की जांच कर रहा है, लेकिन ED के हस्तक्षेप ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है क्योंकि एजेंसी अब मनी ट्रेल (धन के प्रवाह) और वित्तीय दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है।

भर्ती प्रक्रियाओं में वित्तीय हेरफेर न केवल योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है, बल्कि यह सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी गहरा प्रहार करता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सार्वजनिक सेवा आयोगों में इस तरह के घोटाले राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की नींव को कमजोर करते हैं। यदि भर्ती प्रक्रिया में पैसे का लेन-देन सिद्ध होता है, तो यह भविष्य में सरकारी पदों की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े करेगा। ED की कार्रवाई यह संकेत देती है कि जांच अब केवल प्रशासनिक त्रुटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित वित्तीय अपराध की दिशा में बढ़ रही है।

मंगलवार सुबह लगभग 8 बजे, 10 से अधिक ED अधिकारियों की एक टीम ने आनंद नगर और करुणेश्वर नगर स्थित श्री साहू के आवासों पर तलाशी शुरू की। सुरक्षा के मद्देनजर, इन इलाकों में BSF और CRPF के जवानों को तैनात किया गया था। दोपहर करीब 1:30 बजे, अधिकारी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों से भरे बैग लेकर परिसर से बाहर निकलते देखे गए।

Did You Know?: KPSC (कर्नाटक लोक सेवा आयोग) राज्य सरकार के तहत नियुक्त अधिकारियों के चयन के लिए जिम्मेदार एक संवैधानिक संस्था है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: ED किस मामले की जांच कर रही है?
उत्तर: ED 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

प्रश्न 2: छापेमारी किन स्थानों पर की गई?
उत्तर: छापेमारी कलबुर्गी में पूर्व KPSC अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहू के आवासों और सामाजिक कल्याण विभाग की अधिकारी विजयलक्ष्मी कोबालकर के निवास पर की गई।