झारखंड भर्ती परीक्षा में धांधली के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में अभय तिवारी द्वारा विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में संदिग्ध तरीके से सफलता पाने के प्रमाण मिले हैं।
- CID ने अभय तिवारी की पत्नी सुष्मा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया।
- अभय तिवारी ने पिछले 13 वर्षों में लगभग 12 विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को पास किया था।
- जांच में ₹2 लाख से ₹70 लाख तक के 'रेट चार्ट' का खुलासा हुआ है।
- झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है।
रांची: झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को, झारखंड CID ने भर्ती परीक्षा घोटाले के मुख्य संदिग्धों में से एक, अभय तिवारी की पत्नी सुष्मा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उनके कई घंटों तक चले गहन पूछताछ के बाद की गई है।
अभय तिवारी, जो गोड्डा जिले के पोरियाहट में ब्लॉक आपूर्ति अधिकारी के रूप में तैनात थे, पहले ही 22 जुलाई को गिरफ्तार किए जा चुके हैं। CID की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि तिवारी ने पिछले 13 वर्षों के भीतर लगभग 12 अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की थी। इनमें पुलिस सब-इंस्पेक्टर, नेवी SAR, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) सहायक, और CRPF हेड कांस्टेबल जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की पूरी चयन प्रक्रिया और संस्थागत भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यदि एक ही व्यक्ति इतनी विविध और प्रतिष्ठित परीक्षाओं को पास कर सकता है, तो यह भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी ने एक ऐसा काला बाजार खड़ा कर दिया है जहाँ सरकारी पद 'रेट चार्ट' के आधार पर बेचे जा रहे हैं।
पूछताछ के दौरान, तिवारी ने कथित तौर पर खुलासा किया कि विभिन्न परीक्षाओं में सफल होने के लिए उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग 'रेट चार्ट' निर्धारित किए गए थे। इन शुल्कों की राशि ₹2 लाख से लेकर ₹70 लाख तक बताई जा रही है। इसके अलावा, CID ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की है, जो सोमवार को कार्यालय में छापेमारी के बाद हुई थी।
ऐतिहासिक संदर्भ: झारखंड में भर्ती विवाद
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। हालिया छात्र आंदोलनों के दबाव में आकर राज्य सरकार ने JSSC-कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा और आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं तथा उनके परिणामों को रद्द करने की घोषणा की है।
Frequently Asked Questions
1. अभय तिवारी कौन है?
अभय तिवारी गोड्डा जिले के पोरियाहट में ब्लॉक आपूर्ति अधिकारी थे और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के संदिग्ध मुख्य आरोपी हैं।
2. अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
इस घोटाले के संबंध में अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 22 तक पहुंच गई है।