हरियाणा के हिसार कोर्ट परिसर में दोपहर के समय दो हमलावरों ने गैंगस्टर विनोद पाणु उर्फ काना पर ताबड़तोड़ 14 राउंड फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे परिसर में दहशत फैल गई और पुलिस सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
- गैंगस्टर विनोद पाणु उर्फ काना की हिसार कोर्ट परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- हमलावरों ने करीब 14 राउंड अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई।
- पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
- हिसार बार एसोसिएशन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया है।
हरियाणा के हिसार में गुरुवार दोपहर को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहाँ हिसार कोर्ट परिसर के भीतर घुसकर हमलावरों ने कुख्यात गैंगस्टर विनोद पाणु उर्फ काना की गोली मारकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर लगभग 2:30 बजे जब काना अपने एक सहयोगी के साथ पेशी के लिए कोर्ट के गेट से अंदर दाखिल हुआ, तभी मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने लगभग 14 राउंड गोलियां चलाईं, जिससे परिसर में मौजूद वकीलों, मुवक्किलों और कर्मचारियों के बीच चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल सहयोगी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने काना को मृत घोषित कर दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि कोर्ट परिसर जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह की घटना कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। यह हमला न केवल सुरक्षा चूक को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि गैंगवार अब न्यायपालिका के दहलीज तक पहुंच चुकी है।
कोर्ट परिसर के भीतर इस तरह की गोलीबारी सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीर विफलता का संकेत है।
गैंगस्टर काना का आपराधिक इतिहास काफी लंबा था। उसके खिलाफ 31 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह हिसार विधायक सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा के भतीजे संजय उर्फ बिट्टू शर्मा की हत्या के मामले में भी शामिल था। काना पर दिल्ली-एनसीआर सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय होने का आरोप था और 2017 में उसकी गिरफ्तारी के समय उस पर 7 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में गैंगवार का इतिहास काफी पुराना है। पिछले कुछ वर्षों में, प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई सार्वजनिक स्थानों और अदालतों तक पहुंच गई है, जिससे आम जनता और कानूनी कर्मियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
हिसार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप बाजिया ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस और जिला प्रशासन को पहले से ही इस गैंग विवाद के बारे में जानकारी थी, फिर भी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई। उन्होंने इसे पुलिस की "पूर्ण विफलता" करार दिया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इस हमले में कोई अन्य व्यक्ति घायल हुआ है?
उत्तर: हाँ, गैंगस्टर काना का एक सहयोगी भी इस हमले में घायल हुआ है।
प्रश्न 2: क्या पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया है?
उत्तर: हाँ, पुलिस ने हमले में शामिल एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है।